लखनऊ: भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। विपक्षी दलों के नेताओं ने मोदी सरकार को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है। यूपी कांग्रेस के प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने पीएम नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मोदी जैसा प्रधानमंत्री इस देश का दुर्भाग्य है, जिसने पूरे विश्व में 140 करोड़ भारतीयों का सिर शर्म से झुका दिया है। साथ ही पसमांदा मुस्लिम समाज के अध्यक्ष अनीस मंसूरी ने कहा कि जब दुश्मन गोली चला रहा हो और आप फूल थमा दें, तो ये शांति नहीं, बल्कि कमजोरी कहलाती है।
पसमांदा मुस्लिम समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अनीस मंसूरी ने केंद्र की मोदी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पीएम मोदी के ‘हम मिट्टी में मिला देंगे’ बयान का जिक्र करते हुए पूछा कि अब अचानक किस दबाव में सीजफायर की बात सामने आई है। अनीस मंसूरी ने कहा कि जब पाकिस्तान भारत के 36 शहरों को निशाना बनाने की धमकी और हरकतें कर रहा हो तो उसी दिन सीजफायर की घोषणा होना कई संदेहों को जन्म देता है। उन्होंने सवाल किया कि अगर भारत युद्ध के लिए तैयार था, तो अब सीजफायर की जरूरत क्यों महसूस हुई। आखिर किन शर्तों पर भारत ने पाकिस्तान से बातचीत के लिए हामी भरी है।
पूर्व मंत्री ने पूछा कि इस सीजफायर से भारत को क्या मिला है और पाकिस्तान को क्या सौंपा गया है। अगर कोई रणनीतिक या राजनयिक लाभ हुआ है, तो सरकार को उसे पारदर्शी ढंग से जनता के सामने लाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि युद्ध नहीं हो, यह सभी के हित में है, लेकिन जब दुश्मन गोली चला रहा हो और आप फूल थमा दें, तो यह शांति नहीं कमजोरी कहलाती है।
वहीं, गोरखपुर से बीजेपी सांसद रवि किशन ने कहा कि पीएम मोदी और भारतीय सेना ने अपनी ओर से सीजफायर की पहल नहीं की है। शुरुआत उन्होंने (पाकिस्तान) की और उन्होंने हमारे निर्दोष लोगों को मारा है। हमारी एयरफोर्स ने कहा है कि युद्ध खत्म नहीं हुआ है। हमारी पूरी तैयारी है। बीजेपी सांसद रवि किशन ने कहा कि पीएम मोदी हमेशा युद्ध के खिलाफ हैं, लेकिन हमारी बहनों के सिंदूर को उजाड़ा गया है, तो फिर उसके बाद यह प्रहार था। यह प्रहार निरंतर चलता रहेगा और अगर भारत में कोई छोटी आतंकी घटना भी होती है तो उसे युद्ध का ऐलान समझा जाएगा।
नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि आज देश एकजुट खड़ा है और इंतजार कर रहा है कि आतंकवाद पर कड़ा प्रहार करेंगे। इसके बाद सीजफायर हुआ और दोनों देश इस पर सहमत हो गए। यह कैसा सीजफायर है, जिसका खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। मैं पाकिस्तान को कहना चाहता हूं कि वे अपने देश में आतंकियों को पनाह देना बंद करें, इसी में उनकी भलाई है।










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