शामली। मेरठ के भूनी टोल प्लाजा पर सेना के जवान के साथ हुई अमानवीय मारपीट के विरोध में शामली जिले के पूर्व सैनिकों में गहरा आक्रोश है। मंगलवार को दर्जनों पूर्व सैनिकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पूर्व सैनिकों ने टोल कर्मचारियों को “गुंडा तत्व” बताते हुए कहा कि ऐसे लोगों को केवल गिरफ्तार करना पर्याप्त नहीं है। उनका कहना था कि आरोपियों को गधे पर बैठाकर, मुंह काला कर, गले में तख्ती लटका कर सार्वजनिक जुलूस निकाला जाए, ताकि यह एक मिसाल बन सके और कोई दोबारा सैनिक के सम्मान को ठेस पहुंचाने का दुस्साहस न कर सके।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 17 अगस्त को मेरठ जिले के एक गांव निवासी सैनिक, जो ऑपरेशन सिन्दर का हिस्सा रह चुका है, छुट्टी के बाद ड्यूटी पर लौट रहा था। इसी दौरान भूनी टोल प्लाजा पर टोलकर्मियों ने उसे किसी अपराधी की तरह खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा। यह पूरी घटना सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि भारत में सेना को सर्वोच्च सम्मान दिया जाता है, लेकिन इस घटना ने पूरे राष्ट्र को शर्मसार कर दिया है। उन्होंने टोल प्लाजा के ठेकेदार और कर्मचारियों पर संगठित अपराध करने का आरोप लगाया और भूनी टोल प्लाजा का ठेका तुरंत निरस्त करने की मांग की।
पूर्व सैनिकों का कहना था कि यदि सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं करती, तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यह केवल एक सैनिक का अपमान नहीं है, बल्कि देश की सेना और उसके सम्मान पर हमला है।











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