शामली। सहारनपुर मंडल से आई जीएसटी विभाग की टीम ने शामली जिले के कैराना रोड स्थित एक कॉपर फैक्ट्री पर छापा मारा। टीम तीन-चार गाड़ियों के काफिले के साथ फैक्ट्री पहुँची, जहाँ उनके पहुँचने की सूचना मिलते ही फैक्ट्री में अफरा-तफरी मच गई। फैक्ट्री मालिक ने तुरंत कर्मचारियों को सभी दस्तावेज़ और व्यवस्थाएँ दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
बताया जा रहा है कि जीएसटी अधिकारी फैक्ट्री के अंदर बंद दरवाजों के पीछे देर रात तक बैठे रहे और फैक्ट्री मालिक के ऑफिस में खानापूर्ति की कार्रवाई करते रहे। जब मीडिया ने अधिकारियों से कार्रवाई की जानकारी लेनी चाही, तो उन्होंने ऑन कैमरा कोई भी बयान देने से साफ इनकार कर दिया।
ऑफ कैमरा कुछ अधिकारियों ने इसे “जनरल वेरीफिकेशन” बताया, लेकिन स्पष्ट जानकारी देने से सभी बचते नजर आए। इससे पहले भी, पिछले महीने यही टीम शामली की एक गैस एजेंसी में जांच के लिए पहुंची थी, जहां मीडिया के सवालों से बचते हुए अधिकारी कैमरों से दूर भागते नजर आए थे।
जीएसटी विभाग की इस कार्यशैली को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसी कौन सी जांच की जा रही है जिसे लेकर पारदर्शिता नहीं बरती जा रही? जिला स्तरीय टीम की गैरहाज़िरी और मंडल स्तरीय टीम का गोपनीय रवैया इस पूरी कार्रवाई की निष्पक्षता पर भी प्रश्नचिह्न लगा रहा है।











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