बिजनौर। जिले से एक दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर दिया है। नजीबाबाद की वेदविहार कॉलोनी निवासी 31 वर्षीय बीएसएफ जवान राहुल ने अपने डेढ़ वर्षीय मासूम बेटे प्रणव को गोद में लेकर मीरापुर के गंगा बैराज से छलांग लगा दी। यह घटना उस समय घटी जब चार दिन पूर्व पत्नी मनीषा भी पति से नाराज होकर इसी बैराज से गंगा में कूद गई थी, जिसकी तलाश अभी तक पूरी नहीं हो पाई है।
जानकारी के अनुसार, राहुल ने करीब पाँच वर्ष पूर्व मनीषा से प्रेम विवाह किया था। विवाह के शुरुआती दिन सुखद रहे, लेकिन धीरे-धीरे दंपत्ति के बीच विवाद बढ़ता गया। बीते 19 अगस्त को विवाद के बाद मनीषा घर छोड़कर निकल गई और मीरापुर गंगा बैराज पहुँचकर नदी में कूद गई। पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें लगातार उसकी तलाश कर रही थीं, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
रविवार दोपहर राहुल भी बेटे के साथ उसी बैराज पर पहुँचा। उसने वहाँ मौजूद पुलिसकर्मी से पत्नी के बारे में जानकारी ली और सीसीटीवी फुटेज देखी, जिसमें मनीषा को गंगा में कूदते हुए स्पष्ट देखा गया। यह दृश्य देखने के बाद राहुल का धैर्य जवाब दे गया और उसने मासूम बेटे को गोद में लेकर नदी में छलांग लगा दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मौके पर मौजूद एनडीआरएफ के जवान तुरंत बचाव के लिए नदी में उतरे, लेकिन गंगा की तेज धार दोनों को बहा ले गई। समाचार लिखे जाने तक महिला, जवान और उसके बेटे का कोई सुराग नहीं लग पाया था।
किराए की कार खड़ी कर दी और बेटे को गोद में लेकर बैराज की तरफ गए। दोपहर करीब 2 बजे बैराज पार करके मुजफ्फरनगर की पुलिस चौकी गए और दरोगा से पत्नी के बारे में पूछा। वहां से लौटते वक्त गेट नंबर 17 से बेटे संग गंगा में छलांग लगा दी। मोबाइल फोन उसने पुल पर ही छोड़ दिया।
इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और इलाके में मातम का माहौल है। लोग चर्चा कर रहे हैं कि यदि समय रहते पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद को सुलझा लिया जाता, तो शायद तीनों की जान बच सकती थी।











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