मुजफ्फरनगर। दहेज के लालच में रिश्तों की मर्यादा को तार-तार करने का मामला शहर कोतवाली क्षेत्र से सामने आया है, जहां सात साल से उत्पीड़न झेल रही महिला को उसके हिस्ट्रीशीटर पति ने घर से निकाल दिया और सास के कहने पर तीन तलाक दे दिया। यही नहीं, जाते-जाते वह महिला की मासूम बच्ची को भी छीन ले गया। पीड़िता ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है, जिसके बाद नगर कोतवाली में आरोपी पति समेत आठ लोगों पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पीड़िता शबीना, निवासी मोहल्ला जानकीदास, ने बताया कि अगस्त 2017 में उसका विवाह खालापार थाना क्षेत्र के किदवईनगर निवासी सदाकत से हुआ था। विवाह के बाद से ही पति सदाकत, ससुर अनीस, सास शकीला, जेठ अरशफ और अन्य ससुरालीजन नगदी और कार की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। शबीना ने बताया कि जब उसने एक बच्ची को जन्म दिया तो परिवार का व्यवहार और अधिक हिंसक हो गया, क्योंकि उन्हें बेटे की चाहत थी।
महिला का आरोप है कि उसका पति सदाकत खालापार थाने का हिस्ट्रीशीटर बदमाश है। डेढ़ साल पहले उसे घर से निकाल दिया गया था, तब से वह अपने मायके में रह रही थी। लेकिन 19 जनवरी 2025 को पति सदाकत, जेठ अरशफ, ससुर अनीस, सास शकीला, ननद रेशमा, शबाना, सहाना व गुलशन उसके मायके आए और दोबारा दहेज की मांग दोहराई। मना करने पर आरोपितों ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। सास के उकसाने पर पति ने तीन बार ‘तलाक’ बोलकर रिश्ता खत्म कर दिया और उसकी बच्ची को भी अपने साथ लेकर चले गए।
पीड़िता की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने आईपीसी और मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।










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