मुज़फ्फरनगर। थाना नगर कोतवाली क्षेत्र के बाननगर गांव में ज़मीन विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की रोहाना मंडल अध्यक्ष प्रीति पुंडीर अपने परिवार के साथ खेत में धरने पर बैठ गईं। प्रीति पुंडीर ने ग्राम प्रधान के परिवार पर आरोप लगाया कि उनकी निजी जमीन पर बने पूजा स्थल को तोड़कर कब्जा करने की कोशिश की गई है।
धरना स्थल पर मौजूद प्रीति पुंडीर और उनके परिजनों का कहना है कि उन्होंने अपनी दो बीघा जमीन पर पूजा स्थल निर्माण के लिए नींव भरवाई थी, जिसे ग्राम प्रधान के परिजन—सुरेंद्र, नरेंद्र, विनोद, राकेश, धनराज और दिग्विजय—ने जबरन उखाड़कर फेंक दिया।
प्रीति पुंडीर ने कहा कि चकबंदी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह जमीन उनके हिस्से में आ चुकी है और जनवरी 2025 में एसडीएम निकिता शर्मा की निगरानी में दोनों पक्षों की जमीन की पैमाइश भी हो चुकी है, जिसमें उनके खेत की पुष्टि हो गई थी। बावजूद इसके, ग्राम प्रधान पक्ष आम के बाग की आड़ में उनके खेत पर कब्जा करना चाहता है।
पीड़ित सुंदर सिंह, जो प्रीति पुंडीर के परिजन हैं, ने बताया कि एसडीएम द्वारा कराई गई पैमाइश में प्रधान पक्ष की ज़मीन में 740 मीटर अतिरिक्त और उनकी जमीन में 400 मीटर की कमी पाई गई थी। इसके बाद उन्होंने अपनी जमीन पर अप्रैल में पूजा स्थल बनवाना शुरू किया था। आरोप है कि ग्राम प्रधान के परिवार वालों ने मौके पर पहुंचकर उसे जबरन तोड़ दिया।
सुंदर सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधान पक्ष सड़क से लगते खेत में जबरन रास्ता मांगते हैं और उनकी दबंगई के चलते वे अब परिवार के साथ धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि अधिकारियों को कार्रवाई करनी चाहिए और ग्राम प्रधान के आम के बाग वाली अतिरिक्त ज़मीन पर गौशाला बनवानी चाहिए।
धरना की सूचना मिलते ही रोहाना चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़ित पक्ष को कानूनी रास्ते से समाधान निकालने की सलाह दी। हालांकि, पीड़ित परिवार अपनी जमीन पर ही बैठा रहा और कार्यवाही की मांग पर अड़ा रहा।
इस मामले में सीओ सिटी सिद्धार्थ मिश्रा ने कहा कि, “जमीन पर दो पक्षों के बीच विवाद है। सुंदर सिंह उस ज़मीन पर पूजा स्थल बनाना चाहते हैं, जो वर्तमान में विवादित है। ऐसे में उन्हें तहसील स्तर पर मामले को उठाना चाहिए।
प्रीति पुंडीर ने बताया कि यह जमीन उनके पूर्वजों के समय से उनके स्वामित्व में है और 100 साल से परिवार इस खेत का उपयोग करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि पटवारी से पूर्व अनुमति लेकर ही पूजा स्थल की नींव डाली गई थी और कहा गया था कि “जमीन आपकी है, आप जो चाहें कर सकते हैं।










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