मुजफ्फरनगर। जिले में अधिकारियों और भू-माफिया की मिलीभगत से जमीनों के अवैध ट्रांसफर का मामला अब विधानसभा तक पहुंच गया है। समाजवादी पार्टी के चरथावल विधायक पंकज मलिक ने इस प्रकरण पर गहरी चिंता जताते हुए उच्चस्तरीय जांच कमेटी के गठन की मांग की है। विधायक का कहना है कि यह मामला किसी एक अधिकारी या भू-माफिया तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार कहीं अधिक गहराई तक जुड़े हो सकते हैं।
दरअसल, जानसठ तहसील के एसडीएम जयेंद्र सिंह पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि उन्होंने भू-माफिया से मिलकर तीन करोड़ रुपये की रिश्वत ली और निजी व सरकारी जमीनों को गलत तरीके से भू-माफिया के नाम ट्रांसफर कर दिया। शिकायतकर्ता गुलशन राय ने 27 जुलाई को जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर जिलाधिकारी ने तीनों एडीएम की एक जांच कमेटी गठित की थी, जिसने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। हालांकि इस रिपोर्ट पर अभी अंतिम निर्णय आना बाकी है।
कार्रवाई न होते देख विधायक पंकज मलिक ने इस मामले को विधानसभा में उठाने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण के पीछे बड़ा षड्यंत्र छिपा हो सकता है, इसलिए केवल सतही कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की और कहा कि यह
विधायक मलिक का कहना है कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और यह प्रशासनिक भ्रष्टाचार व भू-माफिया के बढ़ते प्रभाव की गवाही देता है। उन्होंने साफ कहा कि इसमें शामिल हर व्यक्ति की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।










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