शामली। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक किसान ने स्थानीय लेखपाल पर जमीन की रजिस्ट्री कराने के एवज में रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। किसान का दावा है कि वह लेखपाल को 2500 रुपये दे चुका है, लेकिन फिर भी उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। प्रशासनिक लापरवाही से परेशान किसान ने जिलाधिकारी से इच्छामृत्यु की इजाजत मांगी है।
शहर के मोहल्ला काका नगर निवासी किसान सचिन कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पत्रकारों को बताया कि पिछले चार वर्षों से उसकी जमीन की कुर्रेबंदी का मामला लंबित है। कुर्रे भरे जा चुके हैं लेकिन हल्का लेखपाल उन्हें जमा नहीं कर रहा है। किसान के अनुसार, एसडीएम द्वारा लेखपाल को कुर्रे जमा करने का आदेश भी दिया जा चुका है, इसके बावजूद लेखपाल किसान से 40,000 रुपये रिश्वत की मांग कर रहा है।
किसान ने बताया कि वह लेखपाल को पहले ही 2,500 रुपये दे चुका है, और इस लेन-देन के सभी प्रमाण उसके पास मौजूद हैं। इसके बावजूद लेखपाल ने न तो कोई कार्रवाई की और न ही उसकी फाइल आगे बढ़ाई। किसान का आरोप है कि वह लंबे समय से प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर काट रहा है लेकिन कोई समाधान नहीं निकल रहा।
थक-हारकर और मानसिक रूप से टूट चुके किसान सचिन कुमार ने अब जिलाधिकारी से इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग की है। उसका कहना है कि जब एक साधारण किसान को न्याय नहीं मिल सकता तो जीने का कोई औचित्य नहीं बचता।











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