शामली। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में महिला जनसुनवाई के दौरान एक विधवा किसान ने अपना दर्द बयां किया। राज्य महिला आयोग की सदस्य हिमानी अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में आदर्श मंडी थाना क्षेत्र के कस्बा बनत निवासी बबीता नाम की महिला अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट सभागार पहुंची। जहां उन्होंने फसल बर्बाद करने वाले दबंगों पर कार्रवाई और मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई। सुनवाई के दौरान वह फूट-फूटकर रो पड़ीं और हाथ जोड़कर न्याय की अपील करने लगीं।
बबीता ने बताया कि उन्होंने बैंक से कर्ज लेकर अपनी 10 बीघा जमीन पर गन्ने की फसल लगाई थी। इस जमीन को लेकर पहले से पारिवारिक विवाद था, लेकिन कोर्ट ने फैसला उनके पक्ष में दिया था। बावजूद इसके, 6 जुलाई की रात उनके परिवार के ही कुछ दबंगों ने ट्रैक्टर से गन्ने की पूरी फसल रौंद डाली। पीड़िता के मुताबिक, इस संबंध में पुलिस में शिकायत भी की गई, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
महिला ने आयोग के सामने बताया कि उनके दो बेटे हैं, जिनमें से एक दिव्यांग है और दूसरा बेरोजगार। परिवार की आजीविका चलाने के लिए उन्होंने बड़ी मुश्किल से बैंक से लोन लिया और फसल बोई थी, जिससे उन्हें उम्मीद थी कि वह कर्ज चुका सकेंगी। लेकिन फसल नष्ट हो जाने से वह मानसिक और आर्थिक संकट में हैं। उन्होंने सरकार से या तो कर्ज माफ कराने या फिर फसल का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
राज्य महिला आयोग की सदस्य हिमानी अग्रवाल ने महिला की बात गंभीरता से सुनने के बाद तुरंत संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसल बर्बाद करने वाले आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और विधवा महिला को हरसंभव राहत दी जाए। आयोग ने पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि महिला के साथ किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पीड़िता ने बताया कि आरोपी लगातार उन्हें जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर भय बना हुआ है। आयोग ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।











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