नई दिल्ली. दुनिया में युद्ध जीतने वाली सेना के सेनापति को प्रमोशन का तोहफा दिया जाता है. भारत के पड़ोस में एक ऐसा भी देश है जो वॉर में बुरी तरह पिटने वाले जनरल को भी प्रमोट कर अपनी ही देश की जनता की आंखों में धूल झोंकने का काम किया है. पहलगाम की बैसरन घाटी में पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर के उकसावे पर आतंकवादियों ने भारतीय पर्यटकों का धर्म पूछकर उनका नरसंहार किया था. उसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च कर आतंकवादियों और पाकिस्तानी फौज को उनका कर्म देखकर दंड दिया. ऑपरेशन सिंदूर के पहले दौर में भारत ने एरियल स्ट्राइक आतंकवादियों के 9 कैंप को तबाह कर दिया. इसमें कुख्यात आतंकवादी मौलाना मसूद अजहर के परिवार के कई सदस्य भी मारे गए थे. उसके बाद पाकिस्तान ने भाारत पर ड्रोन और मिसाइल्स से हमला किया, जिसे इंडियन एयर डिफेंस सिस्टम ने निष्क्रिय कर दिया था. इसके बाद भारत ने ताबड़तोड़ हमले कर पाकिस्तान 11 सैन्य बेस को व्यापक नुकसान पहुंचाया. इस तरह पाकिस्तान आसिम मुनीर की सेना बुरी तरह से पिट गई. अब उसी जनरल मुनीर को शाहबाज शरीफ ने प्रमोट कर फील्ड मार्शल का दर्जा दिया है. इस बीच, भारत ने इस्लामाबाद की सिरदर्दी बढ़ाने वाला कदम उठाया है.
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद मोदी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है. केंद्र ने IB चीफ तपन कुमार डेका को लगातार दूसरी बार सर्विस एक्सटेंशन दिया है. पहलगाम अटैक और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बीच सरकार के इस फैसले को काफी अहम माना जा रहा है. दरअसल, तपन कुमार डेका को पाकिस्तान मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है. खासकर पाकिस्तान से जुड़े ऑपरेशनल मामलों को हैंडल करने में उनका फिलहाल कोई सानी नहीं है. ऐसे में मौजूदा हालात को देखते हुए भारत सरकार ने डेका के कार्यकाल को एक साल के लिए और बढ़ाने का फैसला किया है. इस तरह आतंकियों के आका पाकिस्तान का टेंशन बढ़ना तय है. बता दें कि डेका को लगातार दूसरी बार सर्विस एक्सटेंशन दिया गया है.
अब सवाल उठता है कि तपन कुमार डेका इतना अहम क्यों हैं? दरअसल, डेका को पाकिस्तान मामलों का स्पेशलिस्ट माना जाता है. खसकर ऑपरेशनल मामलों में उन्होंने कई बार अपनी भूमिका को साबित किया है. पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है. भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च कर पाकिस्तान के साथ ही पूरी दुनिया को बता दिया कि अब आतंकवादी हमलों को यूं ही नहीं जाने दिया जाएगा. आतंकवादियों और उनके आकाओं को उनकी मुकम्मल कीमत चुकानी होगी. साथ ही भारत ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी भी तरह के आतंकवादी हमले को एक्ट ऑफ वॉर माना जाएगा. मौजूदा हालात को देखते हुए IB के टॉप पोस्ट पर ऐसे शख्स का रहना लाजिमी है जो पाकिस्तान की रग-रग से वाकिफ हो. इस मामले में तपन कुमार डेका का फिलहाल कोई जोर नहीं है.
IB चीफ तपन कुमार डेका को लगातार दूसरा एक्सटेंशन दिया गया है. कैबिनेट की एप्वाइंटमेंट कमेटी ने उनके सर्विस एक्सटेंशन पर मुहर लगाई है. डेका साल 1988 बैच के आईपीएस ऑफिसर हैं. उनका संबंध हिमाचल प्रदेश कैडर से है. उन्हें पहली बार जून 2022 में दो साल के लिए IB पहली बार आईबी प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. उनकी कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें साल 2024 में सेवा विस्तार दिया गया था. अब एक बार फिर से उन्हें एक्सटेंशन दिया गया है. डेका अब जून 2026 तक इस पद पर बने रहेंगे. तपन कुमार डेका को आतंकवाद और रेडिकलाइजेशन जैसे गंभीर मामलों से निपटने का लंबा अनुभव है और उन्हें इन मामलों का एक्सपर्ट भी माना जाता है. उन्हें पाकिस्तान से जुड़े आतंकवाद मामलों का भी एक्सपर्ट माना जाता है, जो मौजूदा समय में काफी अहम हो गया है.











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