मुजफ्फरनगर। जानसठ रोड स्थित गोकुल सिटी के नागरिक इन दिनों भयंकर प्रदूषण और बीमारियों के खतरे से जूझ रहे हैं। निवासियों का आरोप है कि उनके इलाके के पास स्थित आरामको पेपर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की पेपर मिल से निकलने वाले ज़हरीले धुएं और कचरे ने उनका जीना मुहाल कर दिया है।
कचरा, पिन्नी और टायर जलाने का आरोप-
गोकुल सिटी के नागरिकों का आरोप है कि पेपर मिल, जिसके प्रोपराइटर मोहम्मद यामीन हैं, उसमें कचरा, पिन्नी और टायर जैसे प्रतिबंधित पदार्थ जलाए जाते हैं। इन चीजों के जलने से निकलने वाला ज़हरीला धुआँ पूरे इलाके में फैल जाता है, जिससे आसपास के नागरिक बुरी तरह से परेशान हैं।
नागरिकों ने इस गंभीर समस्या को लेकर पहले जिलाधिकारी (DM) के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी।
प्रदूषण विभाग ने किया निरीक्षण-
शिकायत के बाद, प्रदूषण विभाग हरकत में आया। प्रदूषण विभाग के सहायक अभियंता निरीक्षण के लिए गोकुल सिटी पहुँचे। उन्होंने गोकुल सिटी के निवासियों के साथ एक बैठक की और उनकी समस्याओं को सुना।
बैठक के बाद, सहायक अभियंता ने खुद मकानों की छतों पर जाकर निरीक्षण किया और पेपर मिल के धुएं से निकलने वाले कचरे के कणों को देखा, जो घरों की छतों पर जमा हो रहे थे।
इस मीटिंग में चौधरी इलम सिंह गुर्जर, अशोक त्यागी, देवेंद्र सिंह बालियान, धर्मेंद्र त्यागी, चरण पाल सिंह तोमर, राकेश कौशिक, वेदपाल सिंह, राहुल, नीरज और रमेश सहित कई निवासी उपस्थित थे।
गंभीर बीमारियों का खतरा-
निवासियों की ओर से बात करते हुए चौधरी इलम सिंह गुर्जर ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते नागरिकों को इस प्रदूषण से मुक्ति नहीं दिलाई गई, तो इसके बहुत ही भयंकर परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने आशंका जताई कि यह प्रदूषण इलाके के लोगों को गंभीर बीमारियों का शिकार बना सकता है।
नागरिकों ने प्रशासन से इस पेपर मिल के खिलाफ जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई करने और उन्हें स्वच्छ वातावरण प्रदान करने की मांग की है।










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