लखनऊ : लखनऊ में एक इंटरनेशनल सेक्स रैकेट का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें उज्बेकिस्तान की महिला लोला कायूमोवा मुख्य किरदार के रूप में सामने आई है. जानकारी के अनुसार, लोला ने फर्जी मैरिज सर्टिफिकेट के जरिए आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया और पहचान छिपाकर लखनऊ में सालों तक रहती रही. इतना ही नहीं, उसने किरायेदारी सत्यापन भी जालसाजी से कराया और पुलिस से लेकर लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) तक को इसकी भनक नहीं लगी.
लोला कायूमोवा ने जिस व्यक्ति को अपना पति बताया, वह असल में उसका ग्राहक था. उसने ओमेक्स अपार्टमेंट में फ्लैट तक खरीद लिया था और खुद को भारतीय नागरिक दर्शा रही थी. 49 साल की लोला अपनी उम्र छिपाने और आकर्षक दिखने के लिए 7 बार प्लास्टिक सर्जरी करा चुकी है, जिसमें चेहरे, होंठ, अंडरआर्म्स और प्राइवेट पार्ट की कॉस्मेटिक सर्जरी शामिल है. यह सभी सर्जरी डॉ. विवेक गुप्ता के अहिमामऊ स्थित क्लीनिक में कराई गईं.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लोला का नाम पहले से चल रहे इंटरनेशनल सेक्स रैकेट से जुड़ा हुआ है. इससे पहले उज्बेकिस्तान की दो और महिलाएं होलिडा और नीलोफर भी इसी रैकेट में पकड़ी जा चुकी हैं. 21 जून की रात सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने एक रेड के दौरान इस रैकेट का बड़ा हिस्सा बेनकाब किया.
फिलहाल पुलिस लोला कायूमोवा की तलाश कर रही है, जो फरार बताई जा रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में विदेशी महिला के दस्तावेजों की सत्यता, उसके भारत आने के मकसद और स्थानीय सहयोगियों की भूमिका को खंगाला जा रहा है. यह खुलासा राजधानी लखनऊ की सुरक्षा व्यवस्था और दस्तावेजी सत्यापन प्रक्रियाओं पर बड़ा सवाल खड़ा करता है.










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