इस साल रविवार, 7 सितंबर को साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण लगने वाला है. इस दिन पूर्णिमा तिथि का श्राद्ध भी है. यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा और इसका सूतक काल भी मान्य होगा. इसलिए ज्योतिषविद इस दिन लोगों को संभलकर रहने की सलाह दे रहे हैं.
चंद्र ग्रहण में सूतक काल शुरू होते ही पूजा-पाठ, भोजन पकाना या खाना भी वर्जित है. सूतक लगने से पहले ही खाने में तुलसी के पत्ते डाल दिए जाते हैं. ताकि ग्रहण का अशुभ प्रभाव उस पर न पड़े.
लेकिन कुछ लोग सूतक काल लगने के बाद तुलसी के पत्ते तोड़ते हैं. ऐसे करना गलत है. तुलसी के पत्तों को पहले ही तोड़कर रख लेना चाहिए और सूतक काल लगने से पूर्व खाने में डाल देना चाहिए. 7 सितंबर को चंद्र ग्रहण रात 9 बजकर 58 मिनट से शुरू होगा और इसका समापन देर रात रात 1 बजकर 26 मिनट पर होगा.
कितने बजे लगेगा चंद्र ग्रहण?
चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले लागू हो जाता है. ऐसे में 7 सितंबर के चंद्र ग्रहण का सूतक काल दोपहर 12 बजकर 57 मिनट पर शुरू हो जाएगा.
कब शुरू होगा सूतक काल?
इसलिए ज्योतिषविदों का कहना है कि 7 सितंबर की दोपहर सूतक काल लगने से पहले ही तुलसी के पत्ते तोड़कर उन्हें खाने की चीजों में डालकर रख दें. ग्रहण के दौरान तुलसी को तोड़ना अपशकुन होता है. और इस दौरान तोड़ी गई तुलसी के पत्तों का प्रभाव भी खत्म हो जाता है.











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