लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि यूपी व उत्तराखंड सरकारों को धर्म को कर्म नहीं बल्कि कर्म को धर्म मानकर संवैधानिक दायित्व निभाना चाहिए जिसमें समाज के सभी वर्गों का हित निहित है लेकिन योगी सरकार भी पूर्ववर्ती सपा की सरकार की तरह ही कुछ क्षेत्र और कुछ लोगों के लिए समर्पित नजर आ रही है। मायावती बुधवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में यूपी व उत्तराखंड के नेताओं को संबोधित कर रही थीं।
इस मौके पर उन्होंने सपा, कांग्रेस और भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि राजनीतिक दलों में डॉ. आंबेडकर की जयंती मनाने की होड़ लगी रही लेकिन उनके अनुयायियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उनकी हत्या की जा रही है और आंबेडकर की प्रतिमाओं को तोड़ा जा रहा है। मायावती ने यूपी व उत्तराखंड स्टेट के पार्टी संगठन की समीक्षा की और दो मार्च की बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों की प्रगति रिपोर्ट भी ली।
मायावती ने भारत सहित दुनिया के अलग-अलग देशों पर लगाए गए ”ट्रंप टैरिफ” के कारण आ रही चुनौतियों पर कहा कि ऐसे समय में केंद्र व राज्य की सरकारों को संकीर्ण राजनीतिक हितों को किनारे रखकर देश हित में काम करना चाहिए और देश के आत्मसम्मान के साथ समझौता नहीं करना चाहिए।










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