मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। यूनियन के जिला अध्यक्ष निखिल चौधरी ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम हाउस में तैनात चिकित्सक और कर्मचारी मृतकों के परिजनों से रिश्वत मांगते हैं। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम करने के एवज में 10,000 रुपये की डिमांड की गई थी।
धरना प्रदर्शन के दौरान यूनियन की ओर से 13 सूत्रीय मांग पत्र सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप को सौंपा गया। साथ ही जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से मुलाकात कर उन्होंने सभी बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए समाधान की मांग की।
निखिल चौधरी ने बताया कि जब मृतक अनस का पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजन पहुंचे तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने शराब पीने के नाम पर 2,000 रुपये और पेन ड्राइव के नाम पर 2,000 रुपये की मांग की, जबकि पेन ड्राइव शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब यूनियन कार्यकर्ता पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और हंगामा किया, तब जाकर डॉक्टर ने पोस्टमार्टम किया। इस घटना के बाद सीएमओ द्वारा डॉक्टर अजय का केवल तबादला किया गया, जबकि दो प्राइवेट कर्मचारियों को निलंबित किया गया।
निखिल चौधरी ने कहा कि हम इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो भाकियू तोमर सीएमओ कार्यालय में ताला जड़कर उसमें पशु बांध देगी।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि डॉक्टरों और कर्मचारियों पर उचित विभागीय जांच कराई जाएगी और निलंबन की कार्रवाई शासन स्तर से कराई जाएगी।











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