मुज़फ्फरनगर। नई मंडी थाना क्षेत्र के गर्ग अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद एक महिला की मौत के मामले में प्रशासन की ढिलाई और अस्पष्ट जांच कार्रवाई के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। यूनियन ने आरोप लगाया कि मृतका पूनम पत्नी सुमित निवासी ग्राम निर्गजनी की मौत के बाद गर्ग अस्पताल को सील तो किया गया था, लेकिन जांच पूरी होने से पहले ही प्रशासन ने अस्पताल की सील हटा दी और अस्पताल दोबारा संचालित होने लगा।
धरना स्थल पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप और सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया से यूनियन पदाधिकारियों की लंबी बातचीत हुई। इसके बाद अधिकारियों ने जिलाधिकारी की संस्तुति पर पांच सदस्यों की एक नई जांच टीम गठित करने का आश्वासन दिया। तय किया गया कि इस टीम में पूर्व में जांच कर चुके किसी भी अधिकारी को नहीं रखा जाएगा। जांच चार बिंदुओं पर की जाएगी, और जब तक रिपोर्ट नहीं आती, तब तक अस्पताल पर पुनः सील लगाए जाने की मांग यूनियन ने दोहराई।
धरने में मौजूद यूनियन के युवा जिला प्रभारी विनीत त्यागी ने कहा कि पूनम की मौत के मामले में गंभीर लापरवाही बरती गई। उन्होंने बताया कि जब अस्पताल को पहले सील किया गया था, तो प्रशासन ने बाद में उसे ‘अवैध रूप से लगी सील’ बताकर खोल दिया। उन्होंने कहा कि जब हमने सीएमओ से सवाल पूछे, तो वे सवाल उन्हें कड़वे लगे। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो अधिकारी जनसवालों से कतराते हैं, वही जनता के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी उठा रहे हैं।
धरना स्थल पर मौजूद यूनियन के जिलाध्यक्ष सुधीर पंवार ने भी सीएमओ कार्यालय पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिले के अस्पतालों में दलालों का नेटवर्क सक्रिय है और मरीजों को अवैध तरीकों से शोषित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होती और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए मुआवज़े की भी मांग की।
मृतका के जेठ योगेश कुमार ने कहा कि पूनम की मौत के बाद परिवार लगातार प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने भरोसा जताया कि अगर दोबारा से निष्पक्ष जांच की गई, तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई ज़रूर होगी।











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