मुजफ्फरनगर। नवागत एसएसपी संजय वर्मा ने पुलिस लाइन के सभागार में थाना बुढ़ाना और खालापार द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों की प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की। इस दौरान एसएसपी ने दोनों थानों की टीम को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया। बुढ़ाना पुलिस ने एक वांछित हिस्ट्रीशीटर बदमाश को मुठभेड़ में गोली मारकर गिरफ्तार किया, जबकि खालापार थाना पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले तीन तस्करों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से 22 किलो गांजा, दो कार और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए।
नवागत एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि आज दो गुड वर्क किए गए हैं। पहले बुढ़ाना थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में इरशाद उर्फ काला नामक बदमाश को गिरफ्तार किया गया। यह बदमाश काफी समय से फरार था और इसके खिलाफ 25 मुकदमे दर्ज थे, जिनमें लूट, हत्या, हत्या का प्रयास, अवैध वसूली, चोरी और नकबजनी जैसी गंभीर घटनाएं शामिल थीं। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली और जब पुलिस ने इसका पीछा किया, तो इसने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसे दाहिने पैर में गोली लगी। इलाज के बाद बदमाश ने अपना जुर्म कबूल किया। बुढ़ाना सीओ और उनकी टीम को एसएसपी ने 15 हजार रुपये का इनाम दिया। इसके पास से मोटरसाइकिल, तमंचा और कारतूस भी बरामद हुए हैं।
दूसरी कार्रवाई खालापार थाना क्षेत्र में हुई। एसपी सिटी के निर्देशन में और सीओ सिटी के क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में पुलिस को टिप-ऑफ मिली थी, जिसके आधार पर करीब 22 किलो गांजा बरामद किया गया। इसमें तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिनका उड़ीसा और झारखंड से कनेक्शन साबित हुआ है। गिरफ्तार तस्करों में मनोज पुत्र मांगेराम (गैंग का सरगना), ललित और मनोज पुत्र सूबे सिंह शामिल हैं। इनके पास से एक MG हेक्टर और एक स्विफ्ट डिजायर कार, तीन मोबाइल फोन और करीब 3 लाख रुपये का गांजा बरामद हुआ है। कुल मिलाकर इस कार्रवाई में लगभग 28 लाख रुपये की रिकवरी हुई है। एसएसपी ने इस टीम को भी पुरस्कृत किया।
नवागत एसएसपी ने बताया कि भविष्य में भी अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और शासन की मंशा के अनुरूप कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह गैंग विभिन्न क्षेत्रों में लोकल नंबर प्लेट लगाकर अपराध करता था, ताकि उन्हें स्थानीय पुलिस पहचान न सके।











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