मुजफ्फरनगर। लोगों की सेहत पर बदलता मौसम विपरीत प्रभाव छोड़ रहा है। वायरल बुखार तो लोगों को जकड़ ही रहा था। अब एलर्जिक मरीजों के लिए भी दिक्कत खड़ी होना शुरू हो गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में बुखार सहित नजला-खांसी और एलर्जी पीड़ित मरीज भी काफी संख्या में पहुंच रहे हैं।
गर्मी का मौसम आ गया है। धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हालांकि शुक्रवार शाम से वातावरण में ठंडी हवा की दस्तक से मौसम सुहावना रहा, लेकिन यही मौसम एलर्जी पीड़ित मरीजों के लिए दिक्कत बढ़ा रहा है। सांस के मरीजों के लिए भी थोड़ा मुश्किल बढ़ गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में अचानक एलर्जिक मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ। चिकित्सकों के मुताबिक मौसम में अचानक बदलाव से एलर्जी के मरीजों को दिक्कत होती है।
हालांकि इमेरजेंसी में उल्टी-दस्त और टाइफाइड से पीड़ित मरीजों का भी आना जारी है। आम तौर पर बुखार पीड़ित मरीजों का ओपीडी में परीक्षण कर दवा देकर भेज दिया जाता है, लेकिन टाइफाइड और उल्टी दस्त, वायरल बुखार से पीड़ित गंभीर मरीजों को विभिन्न वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। इन बीमारियों से पीड़ित 50 से अधिक मरीज भर्ती हैं।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. योगेन्द्र त्रिखा का कहना है कि मौसम में हो रहे परिवर्तन से लोग जुकाम व बुखार की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में मुंह पर मास्क लगाएं या रुमाल बांधे रहें। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श लें। बाहर खाने से बचाव करें।
एलर्जी से बचने के लिए ये बरतें सावधानी
– एलर्जी से बचने के लिए धूल आदि से अपना बचाव करें।
– धूल-कणों को हटाने के लिए चटाई, गलीचों को वेक्यूम करें।
– नाक से एलर्जी दूर करने के लिए खारे पानी से कुल्ला करें।
– एलर्जी में जानवरों को सहलाने, गले लगाने या चूमने से बचें।











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