मुजफ्फरनगर : पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी को जेल में बंद पूर्व विधायक शाहनवाज राना को मोबाइल उपलब्ध कराने का आरोपी बनाया गया है। अदालत ने गाजी को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
जेल में बंद पूर्व विधायक शाहनवाज राना से बरामद मोबाइल का सिम बिजनौर के पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी ने अपने नौकर के बेटे समीर की आईडी पर फर्जीवाड़ा कर निकलवाया था। पुलिस ने पूर्व विधायक को एसीजेएम प्रथम कोर्ट में पेश किया। अदालत ने गाजी का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दस दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
पिछले महीने 25 मार्च की रात चेकिंग के दौरान जेल में बंद पूर्व विधायक शाहनवाज राना से मोबाइल बरामद हुआ था। जेलर राजेश कुमार ने पूर्व विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। नई मंडी कोतवाली पुलिस मुकदमे की विवेचना कर रही है। पुलिस विवेचना में खुलासा हुआ है कि बरामद सिम शेरकोट के समीर की आईडी पर लिया गया था। समीर ने पूछताछ में बताया था कि उसकी आईडी बिजनौर के बढ़ापुर के पूर्व विधायक और शाहनवाज राना के समधी मोहम्मद गाजी के पास थी। मोहम्मद गाजी ने फर्जीवाड़ा कर समीर की आईडी पर सिम निकलवाया था। जिसके चलते नई मंडी कोतवाली पुलिस ने मोहम्मद गाजी को नोटिस देकर बुलाया था।
बुधवार को गाजी बयान दर्ज कराने नई मंडी कोतवाली पहुंचे थे। पुलिस ने दस घंटे तक पूछताछ की। रात में गाजी को फर्जीवाड़ा कर सिम निकलवाने व शाहनवाज राना के परिजनों तक पहुंचाने का आरोपी बना लिया था। गाजी ने पुलिस को बताया कि वह नहीं जानता कि जेल तक सिम कैसे पहुंचा।
नई मंडी कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार सुबह मेडिकल कराने के बाद कड़ी सुरक्षा में मोहम्मद गाजी को कोर्ट में पेश किया। जहां सुनवाई के बाद उसे दस दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी को फर्जीवाड़े व सिम को शाहनवाज राना के परिजनों तक पहुंचाने का आरोपी बनाया है। कोर्ट ने आरोपी को दस दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। मोबाइल बरामद होने के मुकदमे में धोखाधड़ी सहित कई धाराओं को बढ़ाया गया है।











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