लखनऊ. योगी सरकार ने यूपी के 60 साल से ज्यादा उम्र के ट्रांसजेंडरों के लिए वृद्धाश्रम की सुविधा देने का ऐलान किया है. जिससे उन्हें न केवल रहने का ठिकाना मिलेगा, बल्कि एक सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जीने का अवसर भी मिलेगा. इसके साथ ही उन्हें पेंशन, आयुष्मान भारत कार्ड, स्वास्थ्य जांच, भोजन और मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग जैसी आवश्यक सेवाएं भी दी जाएंगी.
ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए केवल वृद्धाश्रम की सुविधा ही नहीं, बल्कि योगी सरकार ने व्यापक स्तर पर योजनाएं शुरू की हैं. साल 2021 में उत्तर प्रदेश ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए कल्याण नीति लागू की गई. इसी वर्ष उत्तर प्रदेश ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड का गठन किया गया, जो योजनाओं की निगरानी आदि की जिम्मेदारी संभालता है.
योगी सरकार द्वारा संचालित वृद्धाश्रमों में ट्रांसजेंडर वरिष्ठ नागरिकों के लिए व्यवस्थित और संवेदनशील देखभाल व्यवस्था की गई है. इनमें पौष्टिक भोजन, नियमित स्वास्थ्य जांच, दवाइयों की उपलब्धता, चिकित्सकीय देखरेख और मानसिक स्वास्थ्य के लिए काउंसलिंग सेवाएं शामिल हैं। इन वृद्धाश्रमों में सामुदायिक गतिविधियों, पुस्तकालय, योग एवं ध्यान सत्र जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें सक्रिय और सकारात्मक जीवन जीने के अवसर मिल रहे हैं. इसके अतिरिक्त, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को मासिक पेंशन और आयुष्मान भारत योजना का लाभ भी दिया जा रहा है.
प्रदेश में ट्रांसजेंडरों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए उनका रजिस्ट्रेशन भी किया जा रहा है. ट्रांसजेंडर समुदाय की सुरक्षा और समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश सरकार ने हर जिले में ट्रांसजेंडर सुरक्षा सेल की स्थापना की है. जिलाधिकारी की देखरेख में इस सेल का संचालन किया जा रहा है, जिससे इनकी कार्यप्रणाली प्रभावी और उत्तरदायी बनी रहे.
इसके अलावा प्रदेश स्तर पर भी ट्रांसजेंडर प्रोटेक्शन सेल का गठन किया गया है, जो निगरानी और नीति-निर्माण में सहयोग करता है. सुरक्षा सेल के माध्यम से ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को पुलिस संरक्षण, कानूनी सहायता, उत्पीड़न के मामलों में कार्रवाई और सामाजिक पुनर्वास जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं. इससे ट्रांसजेंडर व्यक्तियों में भयमुक्त वातावरण बना है.











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