नई दिल्ली। संसद का विंटर सेशन सोमवार से शुरू हो रहा है। इस विंटर सेशन के दौरान कई मुद्दों पर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच अनबन के संकेत पहले से ही मिल रहे हैं। विंटर सेशन से पहले, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई ऑल पार्टी मीटिंग में जेपी नड्डा, किरेन रिजिजू, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, गौरव गोगोई और दूसरे नेता शामिल हुए।
ऑल-पार्टी मीटिंग के बाद कांग्रेस के लोकसभा MP गौरव गोगोई ने कहा, “ऐसा लगता है कि सरकार, BJP और प्रधानमंत्री भारत की डेमोक्रेसी और पार्लियामेंट्री परंपराओं को खत्म करना चाहते हैं।” उन्होंने कहा, “यह शायद सबसे छोटा विंटर सेशन है; ऐसा लगता है कि सरकार पार्लियामेंट को पटरी से उतारना चाहती है।” पार्लियामेंट में पार्टी की स्ट्रैटेजी के बारे में उन्होंने कहा, “ऑल-पार्टी मीटिंग में कांग्रेस ने नेशनल सिक्योरिटी, एयर पॉल्यूशन, डेमोक्रेसी की रक्षा और वोटर लिस्ट की सिक्योरिटी पर चर्चा की मांग की।”
सर्वदलीय बैठक के बाद माकपा नेता जॉन ब्रिटास ने कहा, दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट ने सरकार की पोल खोल दी है। हमारी पार्टी सुरक्षा से मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा चाहती है। उन्होंने कहा कि यदि संसद बाधित होती है और ठप्प होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘किसी ने नहीं कहा कि संसद नहीं चलेगी या चलने नहीं देंगे। कुछ नेताओं ने कहा कि वे SIR पर सदन में हंगामा कर सकते हैं। मैं सकारात्मक रूप से कह रहा हूं कि हम विपक्ष की बात सुनने के लिए तैयार हैं। संसद सबकी है, देश की है। संसद में हर मुद्दे पर चर्चा करने का एक तरीका होता है। नियम होते हैं, परंपराएं होती हैं।’
किरेन रिजिजू ने कहा, ‘शीतकालीन सत्र में हम आशा करते हैं कि सभी लोग शांत मन से काम करेंगे और गरमागरम बहस से बचेंगे। संसद में बहस होगी और मुझे उम्मीद है कि कोई व्यवधान नहीं होगा। अगर हम शांत मन से काम करेंगे, तो यह देश के लिए फायदेमंद होगा और संसद सत्र सुचारू रूप से चलेगा’
शीतकालीन सत्र में केंद्र सरकार असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने संबंधी विधेयक के साथ अपने सुधार एजेंडे को आगे बढ़ाएगी। वहीं, विपक्ष 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के संशोधन का मुद्दा उठाने की तैयारी में है। संसद का तीन सप्ताह लंबा सत्र बिहार विधानसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की भारी जीत के बाद आयोजित हो रहा है। विपक्ष की ओर से शीतकालीन सत्र में सोनिया-राहुल गांधी पर नई प्राथमिकी, दिल्ली प्रदूषण, दिल्ली आतंकी हमला और वोट चोरी जैसे मुद्दों को उठाने की संभावना है।











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