तिरुवनंतपुरम। केंद्र सरकार द्वारा औपनिवेशिक काल के प्रतीकों को बदलने के अभियान के तहत, केरल राजभवन का नाम 1 दिसंबर से ‘लोक भवन’ कर दिया जाएगा। राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर सोमवार को इसकी औपचारिक अधिसूचना जारी करेंगे, जिसके बाद राज्यपाल के आधिकारिक आवास और कार्यालय का पता ‘लोक भवन, केरल’ होगा।
राज्यपाल ने सुझाया था नाम परिवर्तन-
राज्यपाल अर्लेकर ने 2024 में राज्यपालों के सम्मेलन के दौरान पहली बार यह सुझाव दिया था। उनका तर्क था कि इस बदलाव से राजभवन आम लोगों के लिए सुलभ हो जाएगा और यह लोगों की पहुंच, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक सहभागिता का प्रतीक बनेगा।
गृह मंत्रालय का निर्देश-
25 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक निर्देश जारी किया था, जिसमें सभी राजभवनों का नाम ‘लोक भवन’ और सभी राज निवासों (उपराज्यपाल के आवासों) का नाम ‘लोक निवास’ करने को कहा गया था।
यह कदम ‘विकसित भारत’ के विचार को मजबूत करने की एक पहल है, जिसमें प्रशासनिक संस्थानों को अधिक जन-केंद्रित बनाया जाएगा।
अन्य राज्यों ने भी लागू किया बदलाव-
केरल उन राज्यों में शामिल हो गया है जिन्होंने इस बदलाव को पहले ही अधिसूचित कर दिया है। इससे पहले, असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने भी राजभवनों का नाम बदलकर ‘लोक भवन’ कर दिया है।
संकेतात्मक बदलाव-
इस बदलाव से राजभवन की ‘औपनिवेशिक’ और ‘राजसी’ छवि को हटाकर उसे ‘लोगों के घर’ के रूप में स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य संवैधानिक पदों को जनता से जोड़ना और लोकतंत्र की भावना को मजबूत करना है।











Discussion about this post