मुज़फ़्फ़रनगर : रथेडी चौराहे के पास स्थित वैष्णो शुद्ध ढाबे पर चार दिन पहले यशवीर महाराज और समर्थक पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान एक कर्मचारी की पैंट उतारकर उसका धर्म जानने की कोशिश की गई। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
दिल्ली-दून हाईवे पर पंडित वैष्णो शुद्ध ढाबे पर हंगामे और एक कर्मचारी के साथ अभद्रता के मामले में पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। ढाबे पर कर्मचारी के कपड़े उतारने के प्रयास के मामले में पुलिस ने हिंदू संगठनों के आधा दर्जन कार्यकर्ताओं को बयान के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं।
चार दिन पहले कांवड़ मार्ग की दुकानों की नेम प्लेट के प्रकरण में रथेडी चौराहे के पास स्थित वैष्णो शुद्ध ढाबे पर बघरा आश्रम के संचालक यशवीर महाराज व अन्य हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता पहुंचे थे। उन्होंने ढाबे पर कर्मचारियों से ढाबे के मालिक के बारे में जानकारी की थी। उनका कहना था कि ढाबा संचालक का नाम सनव्वर है। यशवीर महाराज ने ढाबे का नाम बदलने के लिए कहा था।
आरोप है कि इसी दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने एक कर्मचारी का नाम पूछने के दौरान उसके कपड़े उतारने का प्रयास किया था। इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई। जिसका पुलिस अधिकारियों ने संज्ञान लिया है।
नई मंडी पुलिस ने कपड़े उतारने का प्रयास करने वाले आधा दर्जन कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किया है। आरोपी घर पर नहीं मिले थे। उनके परिजनों को पुलिस ने नोटिस सौंपकर तीन दिन में अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।
सीओ नई मंडी रुपाली रॉय ने बताया कि पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की है। मेरठ निवासी दीक्षा शर्मा ने ढाबे को अपना बताया है। संचालक ने सभी कर्मचारी हटा दिए गए हैं।
खुद को ढाबे का मैनेजर बताते हुए धर्मेंद्र ने ढाबे के संचालक सनव्वर सहित चार लोगों पर पिटाई करने का आरोप लगाया था। सोमवार को यशवीर महाराज के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंच कर तहरीर दी थी। नई मंडी पुलिस ने तहरीर की जांच शुरू की है।
कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है। बघरा आश्रम के संचालक हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ कांवड़ मार्ग पर संचालित दुकानों पर पहुंचे थे। उनका कहना था कि किसी भी दुकानदार को अपनी पहचान नहीं छिपानी चाहिए।











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