मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण की भावना को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे ‘मिशन शक्ति अभियान’ (फेज-5.0) के तहत मुजफ्फरनगर में एक महत्वपूर्ण जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति भी युवाओं को जागरूक किया गया।
भारत आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एवं रिसर्च सेन्टर में थाना छपार और थाना पुरकाजी पुलिस के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
“डिजिटल अरेस्ट नहीं करती पुलिस”: एसएसपी-
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने अपने संबोधन में महिला सशक्तिकरण के लिए समाज में सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के वातावरण को आवश्यक बताया। उन्होंने विशेष रूप से साइबर जागरूकता पर जोर देते हुए युवाओं को सतर्क रहने की सलाह दी।
एसएसपी वर्मा ने स्पष्ट किया, “डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या सोशल मीडिया अकाउंट पर विश्वास न करें। ऑनलाइन ठगी, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग स्कैम, और फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट से बचाव के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है।
उन्होंने साइबर ठगी के एक नए तरीके ‘डिजिटल अरेस्ट’ को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा, “पुलिस द्वारा कभी भी किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं किया जाता है और न ही डिजिटल अरेस्ट के लिए वीडियो कॉल की जाती है। यदि कोई ऐसा करता है तो तत्काल साइबर हेल्पलाईन 1930 या पुलिस को सूचित करें।
हेल्पलाइन नंबर और सम्मान-
मिशन शक्ति टीम ने छात्र-छात्राओं को महिला हेल्पलाइन 1090, आपात कालीन सेवा 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, साइबर हेल्पलाइन 1930, और महिला उत्पीड़न हेल्पलाइन 181 सहित अन्य महत्वपूर्ण नंबरों की जानकारी दी और उनके सदुपयोग हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडारकर, एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत, एसपी क्राइम इन्दु सिद्धार्थ, सीओ सदर डॉ. रवि शंकर मिश्रा, सहित अन्य पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। कॉलेज प्रबंधन द्वारा सभी अधिकारियों को प्रतीक चिन्ह एवं गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया गया। अंत में सभी उपस्थित लोगों को मिशन शक्ति और साइबर जागरूकता अभियान की सफलता हेतु शपथ दिलाई गई।










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