मुजफ्फरनगर। महाराष्ट्र में हिंदी भाषियों पर कथित हमले को लेकर मुजफ्फरनगर में शिवसेना शिंदे गुट, क्रांति सेना और युवासेना के कार्यकर्ताओं ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इन दोनों नेताओं के फोटो वाले पोस्टर को जूते-चप्पलों से पीटा और बाद में आग के हवाले कर दिया।
आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने आनंद भवन शिव मंदिर से शिव चौक तक पैदल मार्च निकाला और सरकार से ठाकरे बंधुओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। शिवसेना शिंदे गुट के जिला प्रमुख बिट्टू सिखेड़ा और युवासेना अध्यक्ष हेमंत शर्मा ने ठाकरे बंधुओं को “हिंदू विरोधी मानसिकता” वाला बताया और कहा कि इनके इशारे पर ही महाराष्ट्र में हिंदी भाषी समाज को निशाना बनाया गया।
बिट्टू सिखेड़ा ने कहा कि एकनाथ शिंदे ही असली शिवसेना के वारिस हैं, क्योंकि पार्टी का नाम, निशान और विचारधारा अब उन्हीं के पास है। उन्होंने यह भी कहा कि हम ठाकरे परिवार की राजनीति का पूरी तरह विरोध करते हैं, जो अब क्षेत्रवाद और विघटनकारी राजनीति का चेहरा बन चुकी है।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से हिंदी भाषियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ठाकरे परिवार की कथित नीतियों पर लगाम लगाने की मांग की।











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