मुज़फ्फरनगर। सहारनपुर में सांसद इकरा हसन के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद हरेंद्र मलिक ने तीखा बयान जारी करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक महिला के अपमान का मामला नहीं, बल्कि यह संविधान, समानता और जनप्रतिनिधियों की गरिमा से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा, “यह लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ी जाएगी और किसी भी कीमत पर न्याय मिलने तक चैन नहीं लिया जाएगा।”
हरेंद्र मलिक ने घोषणा की कि कांवड़ यात्रा समाप्त होने के बाद मुज़फ्फरनगर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में एक महापंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने इसे न केवल इकरा हसन का अपमान बताया, बल्कि समाज के हर उस व्यक्ति का अपमान बताया जो लोकतंत्र और समानता में विश्वास रखता है।
गौरतलब है कि हाल ही में सहारनपुर में सांसद इकरा हसन और नगर पंचायत अध्यक्ष शमा परवीन को ।क्ड संतोष बहादुर सिंह द्वारा कथित रूप से “गेट आउट” कहने की घटना पर विवाद खड़ा हो गया है। इकरा हसन ने इसे असंसदीय और अपमानजनक व्यवहार बताया था। ADM ने सफाई देते हुए इसे ‘जुबान फिसलने’ की घटना करार दिया।
हरेंद्र मलिक ने प्रशासनिक रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि यह केवल एक महिला जनप्रतिनिधि का नहीं, बल्कि पूरे लोकतंत्र का अपमान है। उन्होंने जोर देकर कहा, “समाजवादी पार्टी संविधान और समानता में विश्वास रखती है, और इस मामले में चुप बैठना हमारे सिद्धांतों के विरुद्ध है।”
राजनीतिक समीकरणों की बात करते हुए हरेंद्र मलिक ने दावा किया कि 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। उन्होंने साफ किया कि उनके बेटे पंकज मलिक आगामी चुनाव चरथावल सीट से ही लड़ेंगे।
सपा नेता के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। अब सबकी निगाहें प्रस्तावित महापंचायत और आगे की राजनीतिक कार्रवाई पर टिकी हैं।










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