मुजफ्फरनगर। जिले में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को जिलाधिकारी उमेश मिश्र ने एक फार्मा निर्माता कंपनी के दो प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन विभिन्न सरकारी कार्यालयों एवं सार्वजनिक स्थानों पर जैविक उत्पादों के प्रचार एवं विक्रय का अभियान चलाएंगे।
इस अवसर पर डीएम उमेश मिश्रा ने जैविक विधि से उगाई गई तोरी की खरीद कर अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भी ऑर्गेनिक उत्पादों के उपयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने घोषणा की कि मंडी में जैविक उत्पादों के लिए अलग से बिक्री व्यवस्था की जाएगी ताकि किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निरवाल ने भी भाग लिया और ऑर्गेनिक खेती कर रही महिला समूहों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को स्वयं जैविक उत्पादों का उपयोग करना चाहिए, जिससे मांग और उत्पादन दोनों बढ़ेगा।
डॉ. वीरपाल ने मीडिया से कहा, “हमारे किसान ऑर्गेनिक उत्पाद पैदा कर रहे हैं, लेकिन अगर हम उनका प्रयोग ही न करें तो यह प्रयास अधूरा रह जाएगा।” उन्होंने जिलाधिकारी के प्रयासों की सराहना की और सभी अधिकारियों से ऑर्गेनिक सब्जियां व सामग्री खरीदने का आग्रह किया।
इस मौके पर नमामि गंगे जैविक खेती परियोजना के तहत 5 वर्षों से जैविक खेती कर रहीं पूनम ने बताया कि उनके 62 कलेक्टर में कुल 1680 किसान जैविक खेती कर रहे हैं। पूनम ने कहा कि यदि रसायन मुक्त सब्जियों और फलों का अधिक प्रयोग हो, तो स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।
जिलाधिकारी ने समूह की अध्यक्ष महिला को शुभकामनाएं दीं और कहा कि वह अन्य महिलाओं को भी जैविक खेती के लिए प्रेरित करें। उन्होंने यह भी दोहराया कि जैविक खेती न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि यह समाज को बीमारियों से बचाने में भी सहायक है।










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