मुजफ्फरनगर। जिले के बिहारी गांव में क्रांति गुरु चंद्र मोहन सिंह का ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया। गांव पहुंचने पर लोगों ने उन्हें फूल-मालाओं से सम्मानित किया। इस अवसर पर गुरु चंद्र मोहन सिंह ने युवाओं और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए समाज में बढ़ती नशाखोरी और जातिवाद के खिलाफ जोरदार संदेश दिया।
अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा, “आज के समय में युवाओं को योजनाबद्ध तरीके से नशे की गिरफ्त में फंसाया जा रहा है, जो हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद खतरनाक है। हमें समय रहते इस खतरे को पहचानना होगा, वरना चाहे हम कितनी भी आर्थिक तरक्की कर लें, भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।”
उन्होंने बताया कि उनके द्वारा चलाया जा रहा नशा मुक्ति अभियान अब असर दिखाने लगा है। कई युवा, जो पहले नशे की गिरफ्त में थे, अब पूरी तरह से नशा छोड़ चुके हैं — कुछ तो अब चाय तक नहीं पीते। उन्होंने कहा कि इन युवाओं में अनुशासन और जागरूकता आई है और उनमें से कई को सरकारी नौकरियां भी मिली हैं।
जातिवाद पर बोलते हुए गुरुजी ने कहा, “जातियों में बांटकर समाज को कमजोर करने वाली राजनीति को हमें पहचानना होगा। जाति का प्रयोग केवल सरकारी योजनाओं के लाभ तक सीमित रहना चाहिए, इसे जीवन का आधार या श्रेष्ठता का मापदंड नहीं बनाना चाहिए।”
उन्होंने चेतावनी दी कि जानबूझकर नई पीढ़ी में जातिवाद का ज़हर भरा जा रहा है। यदि इसे रोका नहीं गया, तो युवाओं का भविष्य बर्बाद हो जाएगा। गुरुजी ने स्पष्ट कहा कि “जब तक जातिवाद रहेगा, तब तक भ्रष्ट राजनीति भी जीवित रहेगी। जिस दिन जातिवाद खत्म होगा, उसी दिन भ्रष्ट राजनीति का अंत भी होगा।”
गुरु चंद्र मोहन सिंह ने यह भी बताया कि वे युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों की बलिदान गाथाएं सुनाते हैं, ताकि उन्हें समझ आ सके कि देश की आज़ादी कितने त्याग और संघर्ष से मिली है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशा और जातिवाद को पूरी तरह त्यागकर देश के विकास और समाज की एकता में अपनी भूमिका निभाएं।










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