शामली। ज़िले के कांधला इलाके के गढ़ी दौलत गांव में हुए तिहरे हत्याकांड की पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी फारूक ने अपनी पत्नी और दो बेटियों की हत्या की पहले से ही योजना बना ली थी। यह घटना अचानक हुआ अपराध नहीं था, बल्कि पूरी तरह से सोची-समझी साजिश थी।
घटना से तीन दिन पहले, फारूक ने मज़दूरों से एक गड्ढा खुदवाया, और उन्हें बताया कि वह शौचालय बनवाने जा रहा है। उसने गांव वालों और अपने परिवार को यह कहकर अंधेरे में रखा कि वह घर दोबारा बनवाने जा रहा है, जिससे किसी को शक नहीं हुआ। घटना वाली रात, फारूक ने अपनी पत्नी ताहिरा से चाय बनाने को कहा। जैसे ही वह किचन में गई, फारूक उसके पीछे गया और पिस्तौल से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।
गोली चलने की आवाज़ सुनकर बड़ी बेटी अफ़रीन मौके पर पहुंची। पकड़े जाने के डर से फारूक ने उसे भी गोली मार दी। फिर छोटी बेटी सेहरिन आई, जिसे आरोपी ने गला घोंटकर मार डाला। तीनों लाशों को पहले से खोदे गए गड्ढे में डालकर मिट्टी से ढक दिया गया। इसके बाद, शक से बचने के लिए उस जगह पर ईंटों का फर्श बना दिया गया।
आरोपी की मां, असगरी ने पुलिस को बताया कि बच्चों ने कहा था कि वे छह दिन पहले सब साथ सोए थे, लेकिन सुबह उनकी मां और दो बहनें गायब थीं। फारूक ने शामली में एक किराए के घर में अपनी पत्नी और बेटियों को रखने के बारे में एक झूठी कहानी बनाई, लेकिन वह कोई ठोस जानकारी नहीं दे पाया।
जांच में पता चला कि फारूक ने तीन दिन पहले अपनी पत्नी के कपड़े जला दिए थे। वह हमेशा अपनी पत्नी को घर में ही बंद रखता था और उसे आधार कार्ड या राशन कार्ड भी नहीं बनवाने देता था। वह इस बात से गुस्सा था कि उसकी पत्नी बिना बुर्का पहने अपने माता-पिता के घर चली गई थी।
आरोपी ने पुलिस पूछताछ के दौरान कबूल किया कि उसने सिर्फ पांच मिनट में अपनी पत्नी और दो बेटियों को मार डाला। उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।











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