शामली। शामली कलेक्ट्रेट पहुंचे शिवसेना के दर्जनों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने पाकिस्तान विरोधी नारे लगाकर अपना गुस्सा जाहिर किया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (एडीएम) संतोष कुमार को सौंपा। ज्ञापन में आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग के साथ ही देशभर में हिंदुओं पर हो रहे हमलों पर चिंता जताई गई।
शिव सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले में आतंकियों ने निर्दोष हिंदू तीर्थयात्रियों को निशाना बनाकर लगभग 28 लोगों की निर्मम हत्या कर दी, जबकि महिलाओं को यह कहकर छोड़ दिया गया कि “अपनी सरकार को जाकर बता देना।” यह न केवल एक जघन्य अपराध है, बल्कि भारत की आस्था और एकता पर सीधा हमला है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि बीते सप्ताह पश्चिम बंगाल में भी हिंदू महिलाओं की अस्मिता से खिलवाड़ किया गया और हिंदुओं के घरों, दुकानों व मंदिरों को आग के हवाले कर दिया गया। “कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में हिंदुओं को निशाना बनाया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह प्रतीत होता है कि आज के भारत में हिंदू होना ही एक अपराध बन गया है।”
शिव सेना ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार जल्द से जल्द पहलगाम हत्याकांड के दोषियों को सख्त सजा नहीं देती और देश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती, तो संगठन सड़कों पर उतर कर बड़ा आंदोलन करेगा। “कहा कि यदि हिंदुओं को बार-बार टारगेट किया गया, तो वे अपनी सुरक्षा स्वयं करना शुरू कर देंगे, और यदि इससे देश में अव्यवस्था फैलती है, तो उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।”
शिव सेना ने सरकार से यह भी मांग की कि पहलगाम हत्याकांड के दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर कठोरतम सजा दी जाए। देशभर में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएं और सांप्रदायिक हमलों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। एडीएम संतोष कुमार ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए उसे उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।











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