कानपुर : पहलगाम में आतंकियों ने कानपुर के शुभम से पूछा था कि तुम हिंदू हो या मुस्लिम, मुस्लिम हो तो कलमा पढ़ो, शुभम ने न में सिर हिलाया तो आतंकियों ने उसे गोली मार दी।
जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम हिल स्टेशन पर मंगलवार को हुए आतंकी हमले में कानपुर के श्यामनगर के ड्रीमलैंड अपार्टमेंट निवासी शुभम द्विवेदी की मौत हो गई। अपनी पत्नी के साथ एक रेस्टोरेंट के बाहर बैठकर कुछ खा रहे शुभम से आतंकियों ने पहले धर्म पूछा, कहा हिंदू हो या मुस्लिम यदि मुस्लिम हो तो कलमा पढ़ो, जैसे ही शुभम ने नहीं में सिर हिलाया, आतंकियों ने तुंरत शुभम के सिर में गोली मार दी। पास बैठी पत्नी ऐशान्या चिल्ला उठीं मुझे भी गोली मार दो। इसके बाद वह बेहोश हो गईं।
शुभम और यशोदा नगर की रहने वाली ऐशान्या की शादी दो महीने पहले 12 फरवरी को हुई थी। वह यहां दक्षिण के एक स्कूल में डांस की टीचर है। शादी के बाद पहली बार दोनों अपने परिवार के साथ घूमने गए थे। जिसमें शुभम के डॉ. संजय द्विवेदी, मां सीमा द्विवेदी, बहन आरती और उनके दो बच्चे और ऐशान्या के माता-पिता सभी एक साथ घूमने गए थे।
शुभम के पिता संजय द्विवेदी ने बताया कि वह लोग सुबह पहलगाम पहुंचे ओर नीचे ही रुक गए। जबकि शुभम अपनी पत्नी के साथ पहाड़ी के ऊपर बने हिल स्टेशन जहां घुड़सवारी होती है, वहां चले गए। वही पर यह घटना हो गई। संजय ने बताया कि पहले एक आतंकी वहां पहुंचा फिर एक-एक करके कई आ गए। और कई लोगों को गोली मारते चले गए। इस ह्दय विदारक घटना की सूचना अनंतनाग में रुके उनके पिता को शाम साढ़े छह बजे मिल पाई। इसके बाद से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। यह सभी लोग घूमकर 23 अप्रैल को वापसी करने वाले थे।
मूलरूप से चंदनपुर चक्की, हाथीपुर महाराजपुर क्षेत्र के रहने वाले डॉ. संजय द्विवेदी के बेटे शुभम द्विवेदी अपने परिजनों के साथ 18 अप्रैल को जम्मू कश्मीर घूमने गए थे। शुभम के चाचा ज्योतिषाचार्य मनोज द्विवेदी ने बताया कि शुभम एक सीमेंट कंपनी में सेल्स प्रोमोटर के रूप में कार्यरत थे। बताया कि लगभग सवा दो बजे के दो से तीन आतंकवादी सेना की वर्दी में आए और ताबड़तोड़ गोलीबारी करने लगे। जिससे वहां पर कई लोगों को गोली लगी।
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और सेना ने उन्हें कश्मीर के अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना से महानगर के लोग भी स्तब्ध है। चाचा और उनके परिवार में भी दुख का माहौल है। उनके घर पर लोगों का तांता लगा रहा।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी। 26 मृतकों में ज्यादातर पर्यटक हैं, जबकि दो विदेशी और दो स्थानीय नागरिक शामिल हैं।
हमले में करीब 20 लोग घायल हुए हैं। हालांकि सरकार ने अभी सिर्फ 16 मौतों की पुष्टि की है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियों ने देर रात कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। तीन जुलाई से शुरू होने जा रही श्रीअमरनाथ यात्रा से पहले इस कायराना हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े गुट द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। फरवरी, 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है। उस हमले में सीआरपीएफ के 47 जवान मारे गए थे।
हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब की यात्रा बीच में छोड़कर लौट आए हैं। पीएम मोदी ने वारदात की कड़ी निंदा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार सुबह सऊदी अरब से हवाई अड्डे पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बैठक की और पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की स्थिति पर चर्चा की।











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