शामली। उत्तर प्रदेश के शामली जिले के एक डिग्री कॉलेज में उस समय हंगामा मच गया जब इंटरनल एग्जाम देने आए छात्रों को परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया। गुस्साए छात्रों ने कॉलेज के बाहर प्रदर्शन किया और कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि उन्हें परीक्षा देने से मना कर दिया गया और विरोध करने पर कॉलेज से निकालने की धमकी भी दी गई।
यह घटना दिल्ली-सहारनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित जलालाबाद के अल्पाइन इंटरनेशनल स्कूल में हुई, जहां विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों की आंतरिक परीक्षाएं चल रही हैं। आसपास के ग्रामीण इलाकों से परीक्षा देने आए छात्रों का आरोप है कि उन्हें कॉलेज में घुसने नहीं दिया गया, जबकि उनका कहना था कि वे तय समय से 2-3 मिनट ही देरी से कॉलेज गेट पर पहुंचे थे।
छात्रों ने बताया कि डेट शीट में परीक्षा का समय सुबह 10 बजे निर्धारित था, जबकि कॉलेज के व्हाट्सएप ग्रुप में एंट्री का समय 9:45 बजे लिखा गया था। ग्रामीण इलाकों से आने वाले छात्रों को ई-रिक्शा की अनुपलब्धता के कारण थोड़ी देर हो गई और वे करीब 9:48 बजे कॉलेज के बाहर पहुंचे। लेकिन कॉलेज प्रबंधन ने गेट बंद कर दिया और किसी को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया।
छात्रा मुस्कान, मेहविश, आंचल, अनु सैनी, शिवानी सैनी, इंदु सैनी, और बीबीए के छात्र मानव प्रताप, अब्दुल वारिस, रिसालत, आदित्य राणा, कैफ, वंश, अभिषेक समेत कई छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्होंने गर्मी में घंटों इंतजार कर कॉलेज प्रशासन से प्रवेश की गुहार लगाई, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उल्टा कॉलेज प्रशासन ने उन्हें रेस्टीकेट करने की धमकी दी।
मीडिया से बातचीत में कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि बच्चे लेट पहुंचे थे, इसलिए उन्हें एंट्री नहीं दी गई। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जिन छात्रों की परीक्षा छूट गई है, उनके लिए दोबारा री-एग्जाम आयोजित किया जाएगा।
मामले को गंभीरता से लेते हुए शामली जिलाधिकारी अरविंद चौहान ने कहा कि अगर छात्रों को परीक्षा देने से रोका गया है, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इस मामले की जांच के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को आदेश दे दिए हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक जे. एस. शाक्य ने कहा कि उन्हें छात्रों की परीक्षा से वंचित किए जाने की शिकायत मिली है। मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।











Discussion about this post