मुजफ्फरनगर/खतौली। जून का महीना देश की एक बेटी के लिए एक ऐतिहासिक बन गया, जिसने न केवल अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत के झंडे को लहराया, बल्कि संघर्ष और साहस के उदाहरण के रूप में उभरा। हम बात कर रहे हैं जनपद मुजफ्फरनगर के खतौली क्षेत्र स्थित ग्राम भैंसी की होनहार बेटी तनु रानी की, जिन्होंने कजाकिस्तान के अस्ताना शहर में आयोजित ग्रेपलिंग वर्ल्ड कप 2025 में सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश को गौरवान्वित किया।
तनु रानी एक बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता चेतन कुमार रिक्शा चलाते हैं और पशुपालन व मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण करते हैं। मां बबली देवी एक गृहिणी हैं, लेकिन परिस्थितियों के आगे कभी झुकी नहीं। घर की आर्थिक हालत कमजोर थी, लेकिन बेटी के सपनों के आगे उन्होंने सब कुछ न्यौछावर कर दिया।
तनु ने पॉलिटेक्निक, बी.ए. और बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स में डिप्लोमा किया। लेकिन उनका दिल तो कुश्ती के दांव-पेच में बसता था। 2015 में उन्होंने अपने जीजा सोनू के मार्गदर्शन में अर्जुन अखाड़ा, मुजफ्फरनगर से कुश्ती की ट्रेनिंग शुरू की। आर्थिक तंगी ने उन्हें बीच में ही रोक दिया, लेकिन मां ने हार नहीं मानी। मजदूरी कर तनु को दोबारा अखाड़े तक पहुंचाया।
दिसंबर 2024 में उन्होंने दिल्ली स्टेट रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता और 2025 में शिमला नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इन्हीं उपलब्धियों के कारण उनका चयन 12 से 15 जून 2025 तक कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित ग्रेपलिंग वर्ल्ड कप के लिए हुआ।
लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी के लिए वीजा और टिकट के पैसे नहीं थे। ऐसे में मां बबली देवी ने अपने जेवर गिरवी रखकर बेटी को विदेश भेजने का निर्णय लिया – यह एक मां के बलिदान और विश्वास की मिसाल बन गया। जब तनु अस्ताना पहुंचीं तो उन्हें बताया गया कि उनका 70 किलो भारवर्ग स्वीकार नहीं किया गया है, और उन्हें 90 किलो वर्ग में उतरना पड़ेगा। यह उनके लिए कठिन चुनौती थी, लेकिन उन्होंने मुकाबला स्वीकार किया। अपने दमदार प्रदर्शन से उन्होंने विरोधियों को हराया और सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीत लिए।
तनु रानी के स्वदेश लौटते ही खतौली और ग्राम भैंसी में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्राम प्रधान अमित कुमार, सुधीर वाल्मीकि, धाम सोनू, गौरव, निखिल फौजी, डॉ. अंकुर प्रकाश गुप्ता, आदित्य, दीपक, भाजपा नेता राजू अहलावत, जिला अध्यक्ष सुधीर सैनी, अर्जुन अहलावत, विशाल राठौर फौजी सहित अनेक गणमान्य लोगों ने उनका ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया।
तनु रानी ने इस मौके पर बताया कि वह महान धावक मिल्खा सिंह को अपना आदर्श मानती हैं और उनके जैसी उपलब्धियां हासिल करना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि अब उन्हें भारत का ब्लेज़र भी प्राप्त हो चुका है और भविष्य में वह अपने माता-पिता व बहन को और अधिक गर्व महसूस कराना चाहती हैं।
तनु की यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत जीत है, बल्कि यह उस मां-बेटी के अटूट संकल्प और भारतीय नारी शक्ति का प्रतीक बन गई है। क्षेत्रवासियों ने तनु रानी को शुभकामनाएं दीं और कहा कि वह आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं।










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