मेरठ। शास्त्रीनगर योजना संख्या-7 के अंतर्गत सेंट्रल मार्केट में आवासीय भूखंड संख्या 661/6 पर बने अवैध कॉम्प्लेक्स और अन्य व्यावसायिक उपयोग की गई संपत्तियों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। शासन ने शनिवार को एडिसिस इंजीनियरिंग कंपनी के टेंडर को स्वीकृति दे दी है। अब जल्द ही इन अवैध निर्माणों पर हथौड़ा चलेगा।
आवास एवं विकास परिषद ने 1.66 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के लिए तीन बार टेंडर प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन पहले खास प्रतिक्रिया नहीं मिली थी। अंततः अब एकल बोलीदाता को टेंडर स्वीकृत किया गया है।
भूखंड संख्या 661/6 से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। व्यापारियों द्वारा की गई सभी याचिकाएं खारिज कर दी गई थीं। परिषद के अनुसार शास्त्रीनगर योजना संख्या-7 में कुल 6379 स्वीकृत आवासीय संपत्तियां हैं, जिनमें से 860 का अवैध रूप से व्यावसायिक उपयोग हो रहा है।
अधिकारियों की मिलीभगत से आवासीय इमारतों में कॉम्प्लेक्स, सराफा दुकानें, डेयरी, रेडीमेड गारमेंट्स स्टोर और मर्चेंट स्टोर चलाए जा रहे हैं। कई स्थानों पर निचले तल को शोरूम में परिवर्तित कर दिया गया है, जबकि ऊपर निवास किया जा रहा है।
ध्वस्तीकरण की कार्यवाही अब किसी भी समय शुरू हो सकती है। स्थानीय व्यापारियों में इसको लेकर हलचल तेज है, वहीं परिषद का दावा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार कोई भी अवैध निर्माण नहीं बख्शा जाएगा।











Discussion about this post