आगरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को आगरा में निर्मित हस्तशिल्प मार्बल का शतरंज तोहफे के रूप में भेंट किया है। प्रधानमंत्री के इस कदम से आगरा के हैंडीक्राफ्ट कारोबारियों और कारीगरों में खुशी की लहर दौड़ गई है, क्योंकि इससे उनकी पारंपरिक कला को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर एक बड़ी पहचान मिली है।
कारीगरों में उत्साह, बढ़ेगी डिमांड-
हैंडीक्राफ्ट मार्बल के एक कारीगर ने प्रधानमंत्री के इस कदम को ऐतिहासिक बताया। कारीगर ने कहा कि इससे भारत की कला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही है और निश्चित तौर पर मार्बल हैंडीक्राफ्ट आइटमों की डिमांड बढ़ेगी, जिससे छोटे कारीगरों को रोजगार के नए माध्यम मिलेंगे।
करीब बीस वर्षों से इस कारोबार से जुड़े कारीगर ने बताया कि हाथ से एक शतरंज बनाने में लगभग दस से पंद्रह दिन का समय लगता है। इसमें इस्तेमाल होने वाला स्टोन बर्मा, बांग्लादेश और इटली से आयात किया जाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया कि उनकी इस मेहनती कला को अंतर्राष्ट्रीय मंच मिल पाया।
‘ODOP’ योजना की सराहना-
एक्सपोर्ट हाउस के मालिक अदनान शेख ने प्रधानमंत्री की इस सोच को साहसिक (बोल्ड) बताया और कहा कि यह कदम आगरा की छिपी पहचान को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार छोटे व्यापारियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रहे हैं।
अदनान शेख ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) योजना की सराहना करते हुए कहा कि इस स्कीम के तहत छोटे व्यापारियों को मुख्यधारा में लाया जा रहा है और कमीशनखोरी को समाप्त किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री के इस कदम को क्रांतिकारी बताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक भेंट नहीं, बल्कि एक संस्कृति का आदान-प्रदान है।











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