मुंबई. आए दिन पतियों की कत्ल की घटनाएं बढ़ती जा रही है. मुंबई के नाला सोपारा में एक महिला सोनम और मुस्कान से खतरनाक निकली. उसने प्रेमी संग मिलकर अपने पति की ‘फिल्मी स्टाइल‘ में हत्या करवा दी. इस दौरान महिला के सास ससुर और अन्य सदस्य घर से बाहर गए हुए थे. महिला ने पकड़े जाने की डर से लाश को ठिकाने लगाने के लिए घर में ही खुदाई करके अंदर दफना दिया. ऊपर से नए टाइल्स बिछवा दिए. हालांकि, 15 दिन बाद जब पीड़ित के परिजन घर पहुंचे, तो उन्हें बदले हुए टाइल्स देखकर शक हुआ. शक के आधार पर उन्होंने आरोपियों की मौजूदगी में खुदाई करवाई, जहां से मृतक की लाश बरामद हुई. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

यह मामला मेरठ के मुस्कान-सौरभ कांड से भी खतरनाक है. मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ की हत्या कर शव को ड्रम में सीमेंट से भर दिया था. वहीं, दूसरी ओर हनीमून मनाने गए राजा रघुवंशी की नई नवेली पत्नी सोनम रघुवंशी ने मेघालय में अपने प्रेमी से मिलकर हत्या करवा दी थी. बता दें कि इंदौर के हनीमून कांड में सोनम रघुवंशी ने पति राजा की सुपारी देकर हत्या करवाई थी. वहीं, नाला सोपारा में पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या करवाई है. ये मामले शादी, प्यार और रिश्तों के विश्वासघात की खौफनाक कहानियां बयां करते हैं.

शादी के 10 साल
विजय और चमन की शादी को 10 साल हो गए थे. विजय घर की मरम्मत का काम करता था, जबकि चमन हाउस वाइफ है. दोनों का एक सात साल का बेटा भी है. पुलिस ने बताया कि जांच से पता चला कि चमन ने अपने पति के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके उनके बैंक खाते तक पहुंचने के लिए कई ओटीपी जनरेट किए थे. साथ ही उसने एटीएम से पैसे भी निकाले.
क्या है पूरा मामला
पुलिस ने बताया कि, ‘करीब एक महीने पहले विजय चव्हाण को बीमा पॉलिसी मैच्योर होने की एवज में 6 लाख रुपये मिले थे. उसके खाते में पहले से 2-3 लाख रुपये थे. वह इलाके में एक नया घर खरीदने की योजना बना रहा था. उसने अपना घर चमन के नाम कर दिया था. पिछले 15 दिनों से, विजय ने अपने भाइयों और चाचा या रिश्तेदारों के फोन कॉल का जवाब देना बंद कर दिया था. जब घरवाले पूछने के लिए आते थे तो पत्नि चमन लगातार उनके डाइवर्ट करती रही. उनको बताती रही कि विजय बोरीवली, कांदिवली और मलाड जैसे इलाकों में काम के सिलसिले में बाहर गए हैं.
पत्नी के पास ही फोन था
विजय के चाचा, मोहन चव्हाण ने घटना तो याद करते हुए मीडिया से बात की. उन्होंने बताया कि जब वह घर पहुंचे तो देखा कि विजय का फोन उसकी पत्नी के पास रखा हुआ है. मोहन ने मिड-डे को बताया, ‘मेरा भतीजा 15 दिनों से लापता था. हमने मलाड, कांदिवली, कुर्ला और बोरीवली में रिश्तेदारों से पूछताछ की, लेकिन किसी को कोई जानकारी नहीं मिली. हम कई बार उसके घर गए और हमेशा उसका मोबाइल फोन उसकी पत्नी के पास ही मिला.
शक से खुला राज
चाचा ने आगे बताया, ‘हमें गड़बड़ी का शक हुआ और हमने पेल्हार पुलिस को सूचित किया, लेकिन उन्होंने शुरू में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया. एक स्थानीय कार्यकर्ता और कुछ राजनेताओं से संपर्क करने के बाद ही पुलिस ने आखिरकार शिकायत दर्ज की.’ मोहन ने बताया कि 19 जुलाई को हम अपने भतीजे के घर गए तो दरवाज़ा बंद मिला. उसका फोन भी बंद था. बाद में पता चला कि उसी दिन दोपहर लगभग 12.40 बजे, चमन अपने बेटे के साथ चली गई थी.











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