बलरामपुर। बलरामपुर में धर्म परिवर्तन कराने के आरोपी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर की कोठी पर दूसरे दिन भी अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी है। बारिश थमते ही बुधवार को सुबह 11 बजे से बुलडोजर गरजने लगे।
एक साथ पांच बुलडोजर लगाए गए, इसके बाद फिर पांच और बुलडोजर बुलाए गए। एसडीएम राजेंद्र बहादुर ने बताया कि 10 बुलडोजर लगाए गए हैं। पोकलैंड न मिलने से बुलडोजर की संख्या बढ़ाई गई है।
इससे पहले, हिंदू परिवारों का धर्म परिवर्तन कराने के आरोपी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के आलीशान अड्डे पर मंगलवार सुबह 11 बजे बुलडोजर गरजा। छांगुर ने इसे नीतू से नसरीन बनी मुंबई निवासी सिंधी महिला के नाम पर जमीन लेकर करीब 12 करोड़ रुपये में बनवाया था।
निर्माण के दौरान ही दो बिस्वा सरकारी जमीन भी कब्जा ली। इसपर तहसील प्रशासन ने कोठी के उस हिस्से को अवैध घोषित कर ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया। सोमवार को नोटिस चस्पा करने के बाद कार्रवाई की भनक लगते ही कोठी में रहने वाले लोग गेट पर ताला जड़ बाहर चले गए थे।
मंगलवार सुबह 11 बजे पुलिस व प्रशासन की टीम पहुंची। गैस कटर से ताला कटवाया और फिर तीन बुलडोजर परिसर में दाखिल हुए। गेट के बाएं तरफ बनवाई गई 40 कमरों की कोठी को गिराने की कार्रवाई शुरू हुई। पिलर पर बनी कोठी काफी मजबूत थी, जिसे ढहाने के लिए दो बुलडोजर और मंगवाए गए।
इसके बाद दोपहर से ध्वस्तीकरण का अभियान तेज हुआ। शाम तक आधा हिस्सा ही गिराया जा सका। एसडीएम उतरौला राजेंद्र बहादुर ने बताया कि बुधवार सुबह फिर अतिक्रमण हटाया जाएगा।
धर्मांतरण के आरोप में एटीएस ने अगस्त 2024 में एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू की। 10 आरोपी बनाए गए, जिसमें जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के बेटे महबूब और नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन को बीते 08 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया। उसी दिन से छांगुर और नीतू उर्फ नसरीन भूमिगत हो गए। एटीएस ने छांगुर और नीतू को पांच जुलाई को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया।
धर्म परिवर्तन के आरोपी छांगुर की ओर से किए गए अवैध निर्माण को ढहाया गया है। मामले में शामिल आरोपियों की जांच हो रही है। अतिक्रमण कहीं भी मिला, उसे सख्ती के साथ हटाया जाएगा। -पवन अग्रवाल, जिलाधिकारी-बलरामपुर











Discussion about this post