कानपुर : काकादेव थानाक्षेत्र के विजयनगर इलाके में युवक की आत्महत्या का मामला सामने आया है। पुलिस और फॉरेंसिक की जांच में घटनास्थल से सुसाइड नोट बरामद हुआ।
मुझे माफ कर देना, सारी गलती मेरी है, मैं अपनी कल्पनाओं की दुनियां में वापस जा रहा हूं…। यह बात सुसाइड नोट में लिखकर शुक्रवार देर रात एक चित्रकार ने फंदे से लटककर जान दे दी। शनिवार सुबह मां ने फंदे से लटकते शव को देखा तो कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस को एक पन्ने का सुसाइड नोट बरामद हुआ है।
विजयनगर निवासी अभिषेक गुप्ता (24) चित्रकार थे। उन्होंने कानपुर विश्वविद्यालय से फाइन आर्ट्स से स्नातक किया था। पेंटिंग बनाने में काफी नाम कमाया था। इस कारण वह पिछले कुछ महीनों से चौबेपुर में स्थित एक कंपनी का लोगो बनाने के साथ अन्य डिजाइन पर काम कर रहे थे। मां माया और छोटे भाई अनुराग ने बताया कि शुक्रवार रात खाना खाने के बाद पूरा परिवार अंदर के कमरे में सोने चला गया। देर रात अभिषेक ने आगे के कमरे में पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी। शनिवार सुबह 5:30 बजे मां सोकर उठी और बाहर के कमरे में पहुंची तो फंदे पर बेटे का शव लटका देख उनकी चीख निकल गई।
परिजनों ने बताया कि शनिवार को घर में सत्यनारायण की पूजा थी। दिल्ली में रहने वाले मृतक के जीजा दिव्यांशु ने बताया कि अभिषेक कुछ समय से किसी बात को लेकर परेशान था। कभी किसी को कुछ नहीं बताता था। उसकी काउंसिलिंग भी कराई थी। कुछ समय पहले उनके पास दिल्ली भी आया था, जिस पर उसे काफी समझाया था। बताया कि सोचा था पूजा में शामिल होने पर उसे दोबारा समझाएंगे लेकिन उससे पहले ही उसने गलत कदम उठा लिया। जीजा के अनुसार ससुर राजेश का आठ वर्ष पहले निधन हो चुका है। इंस्पेक्टर काकादेव मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि कमरे से एक पन्ने का सुसाइड नोट बरामद हुआ है। घटना के पीछे के क्या कारण हैं, इसका पता लगाया जा रहा है।
मुझे माफ कर देना सारी गलती मेरी है। मेरा परिवार निर्दोष है, उन्हें कुछ भी न करें। शायद इस दुनिया में कोई नहीं, जो मुझे समझ सके। मैं बस इतना चाहता हूं कि मेरी गलतियों की सजा मेरे परिवार को न दी जाए। उन्होंने कुछ भी नहीं किया। सारी चीजें पहली जैसी हो जाएं… जैसे होती थीं…। प्लीज मेरी ये लास्ट इच्छा पूरी कर दो। मैं अपनी कल्पनाओं की दुनिया में वापस जा रहा हूं।











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