जालौन। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भूमि अधिग्रहण को लेकर सरकारों पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए देशभर में किसानों की जमीनें जबरन छीनी जा रही हैं। गुरुवार शाम उरई में बीकेयू के राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन की पुत्री की रिंग सेरेमनी में शिरकत करने पहुंचे टिकैत ने पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही।
टिकैत ने कहा, “सरकारें कहती हैं कि किसान को अनाज देंगे, लेकिन पहले उनकी जमीनें ही छीन ली जाती हैं। क्या जमीन लेकर अनाज देना कोई नीति है?” उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश से लेकर कर्नाटक तक सभी राज्यों में किसानों की ज़मीनें अधिग्रहण के नाम पर छीनी जा रही हैं। सभी सरकारों की नीति एक जैसी है।
प्रदेश में खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं पर बात करते हुए टिकैत ने कहा कि इस बार मूंग की पैदावार अच्छी हुई है, लेकिन सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद नहीं कर रही। साथ ही किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रही, जिससे खेती बुरी तरह प्रभावित हो रही है। उन्होंने इसे प्रदेशव्यापी समस्या बताया।
बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर टिकैत ने निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि भाजपा जनादेश का सम्मान नहीं करती और जनता की भावनाओं को तोड़ने का काम करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाकियू चुनाव नहीं लड़ती, लेकिन यदि चुनाव निष्पक्ष हों, तो विपक्ष की जीत तय है।
महाराष्ट्र में भाषा के नाम पर हो रही हिंसा पर टिप्पणी करते हुए टिकैत ने कहा कि यह अत्यंत निंदनीय है। नई-नई पार्टियां मुद्दे तलाश रही हैं और समाज में भ्रम पैदा कर रही हैं।
कांवड़ यात्रा के दौरान मुस्लिम समाज को निशाना बनाए जाने पर भी टिकैत ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अगर दिक्कत नॉनवेज से है, तो उसका समाधान होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि वेज और नॉनवेज होटलों की पहचान रंगों से की जाए — हरे रंग से वेज और लाल रंग से नॉनवेज होटलों को चिह्नित किया जाए। साथ ही नॉनवेज दुकानों पर एक रजिस्टर रखा जाए जिसमें खाने वालों का नाम दर्ज किया जाए, इससे खपत 60% तक कम हो सकती है।











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