शामली। उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने वैक्सीन से रोके जा सकने वाले रोगों (Vaccine Preventable Diseases – VPDs) की रीयल टाइम डिजिटल निगरानी (Surveillance) अपने स्वामित्व वाले यूनीफाइड डिजीज सर्विलांस पोर्टल (UDSP) के माध्यम से शुरू की है। यह पहल राज्य की स्वास्थ्य निगरानी प्रणाली को एक नई दिशा देगी।
1 मई को अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर शामली मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में UDSP पोर्टल पर VPD-CIF फॉर्म के डिजिटलीकरण का रोल-आउट किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अथर जमील, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. जाहिद अली त्यागी तथा जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. करण चौधरी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
इस अवसर पर डॉ. कृष्ण गोपाल (अपर मुख्य चिकित्साधिकारी), डॉ. विनोद कुमार (जिला क्षय रोग अधिकारी), डॉ. अश्विनी शर्मा, डॉ. कुमार गुंजन (SMO), डॉ. साईस्ता नाज (एपिडेमियोलॉजिस्ट), आशुतोष श्रीवास्तव (DPM), परवेज तालिब (VCM) एवं दीपक शर्मा (कंप्यूटर सहायक) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अब राज्य सरकार द्वारा विकसित डिजिटल पोर्टल UDSP पर 6 प्रमुख बीमारियों — पोलियो (Acute Flaccid Paralysis), खसरा, रूबेला, डिप्थीरिया, पर्टुसिस (काली खांसी) और टिटनेस — के लिए रीयल टाइम केस बेस्ड सर्विलांस किया जाएगा। यह प्रक्रिया पहले से ही WHO के सहयोग से यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम (UIP) के अंतर्गत संचालित थी, लेकिन पहली बार इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है।
UDSP पोर्टल की शुरुआत सबसे पहले मई 2023 में प्रदेश के 12 अधिसूचित रोगों की निगरानी के लिए की गई थी। कोविड-19 महामारी के बाद इसे और सशक्त बनाते हुए अब VPDs को इसमें इंटीग्रेट किया गया है। यह पहल रोगों के सटीक डेटा संग्रह, शीघ्र पहचान और प्रभावी रणनीति निर्माण में क्रांतिकारी साबित होगी।











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