मुज़फ्फरनगर। जनपद की एडीजे कोर्ट संख्या-1 (जज रविकांत) ने गुरुवार को 14 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में 6 आरोपियों को दोषी करार देते हुए विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई है। मामला वर्ष 2011 में थाना खतौली क्षेत्र के गाँव बुआड़ा कला में जमीन के विवाद से जुड़ा है, जिसमें खेत में गए दो भाइयों पर घात लगाकर जानलेवा हमला किया गया था।
30 सितंबर 2011 को वादी भीष्म सिंह पुत्र अतर सिंह ने थाना खतौली में एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी भाभी श्रीमती रोहताशी ने 14 बीघा जमीन बेगवती पत्नी पदम सिंह के नाम बैनामा कर दी थी। वादी का आरोप था कि पदम सिंह और उसके परिजन ज़बरन जमीन को अपने खेत में मिलाने और रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे थे।
घटना के दिन सुबह 6 बजे वादी के पुत्र नारायण सिंह (एडवोकेट) और अरविंद खेत में काम कर रहे थे, तभी पदम सिंह, अतर सिंह, अजयपाल, विजयपाल, जितेंद्र और रिंकू उर्फ आशीष हथियारों से लैस होकर पहुंचे और जानलेवा हमला कर दिया। घटना में ग्रामीण ओमकार, मनोज और राजू पर भी गोलियां चलाई गईं, हालांकि वे बच गए।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) आशीष त्यागी की सशक्त पैरवी के बाद अदालत ने 8 गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर सभी 6 आरोपियों को दोषी ठहराया और निम्न सजा सुनाई:
धारा 308 IPC: 5 वर्ष का कारावास और ₹5000 जुर्माना
धारा 147 IPC: 1 वर्ष का कारावास और ₹1000 जुर्माना
धारा 148 IPC: 1 वर्ष 6 माह का कारावास और ₹1500 जुर्माना
धारा 323 IPC: 6 माह का कारावास और ₹500 जुर्माना
1.पदम सिंह पुत्र अतर सिंह
2. सोहन सिंह पुत्र अतर सिंह
3. अजयपाल पुत्र पदम सिंह
4. विजयपाल पुत्र पदम सिंह
5. जितेंद्र पुत्र सोहन सिंह
6 . रिंकू उर्फ आशीष पुत्र जयचंद
सभी अभियुक्त थाना खतौली के बुआड़ा कला गाँव के निवासी हैं। अदालत के इस फैसले से वादी पक्ष ने राहत की सांस ली है।











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