मुज़फ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के चांदपुर गांव में ग्रामीण पिछले 20 दिनों से मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्लांट के निर्माण से पहले से ही प्रदूषण की मार झेल रहे लोग नाराज हैं। ग्रामीणों ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि अगर वह जिंदा होतीं तो लोगों को न्याय जरूर मिलता।
ग्रामीणों का आरोप है कि पहले इस जगह पर आइस फैक्ट्री के नाम का बोर्ड लगाया गया था। लेकिन 25 जून को, जब भाजपा लोकतंत्र हत्या दिवस मना रही थी, उसी दिन फैक्ट्री मालिक ने बोर्ड बदलकर मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का नाम लगा दिया। यह देख ग्रामीणों के होश उड़ गए और धरना शुरू कर दिया गया।
चांदपुर के आसपास के मखियाली, पंचेंडा, जट मुझेड़ा और तिगरी सहित लगभग 8-10 गांवों में पहले से ही करीब 20 फैक्ट्रियां हैं, जिनसे जल और वायु प्रदूषण हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अब मेडिकल वेस्ट प्लांट बनने से बदबू और बीमारियों का खतरा और बढ़ जाएगा।
धरना दे रहे ग्रामीणों ने बताया कि अब तक कई नेता और अधिकारी मौके पर आए, लेकिन सिर्फ आश्वासन देकर चले गए। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण में शिकायत की गई थी, जिसके बाद कुछ अधिकारी जांच को पहुंचे भी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने धरनास्थल पर इंदिरा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें याद किया कि उन्होंने ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की स्थापना की थी। लोगों ने कहा कि अब वे जागरूक हो चुके हैं, और आने वाले विधानसभा चुनाव में नेताओं से जवाब तलब करेंगे। उन्होंने साफ कहा कि “कुछ भी हो जाए, मेडिकल वेस्ट प्लांट नहीं चलने देंगे।










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