लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अपने निश्चित समय पर होने के आसार कम दिखाई दे रहे हैं। यदि ऐसा होता है, तो कई पंचायतों की कमान निर्वाचित प्रतिनिधियों के बजाय प्रशासकों के हाथ में आ जाएगी।
इस स्थिति की वजह यह है कि वर्ष 2021 के चुनाव में पंचायत प्रतिनिधियों ने अलग-अलग तिथियों में शपथ/कार्यभार ग्रहण किया था, और उसी अनुसार उनका पांच वर्ष का कार्यकाल भी अलग-अलग तिथियों में पूरा होगा।
निदेशालय ने मांगा कार्यकाल का ब्योरा-
फिलहाल, निदेशक पंचायती राज ने प्रदेश के सभी जिलों से पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल का विस्तृत विवरण मांगा है। बरेली के डीपीआरओ कमल किशोर ने बताया कि निदेशालय को ब्योरा भेजा जा रहा है।
अलग-अलग तिथियों में पूरा होगा कार्यकाल-
ग्राम प्रधान/सदस्य: अधिकांश प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को पूरा हो जाएगा (शपथ ग्रहण 27 मई 2021)। जिन 448 ग्राम पंचायतों में कोरम अधूरा था, वहां प्रधानों का कार्यकाल 19 जून 2026 को पूरा होगा।
ज़िला पंचायत अध्यक्ष/सदस्य: इनका कार्यकाल सबसे बाद में 11 जुलाई 2026 को समाप्त हो रहा है (शपथ/कार्यभार 12 जुलाई 2021)।
क्षेत्र पंचायत प्रमुख/सदस्य: इनका कार्यकाल 19 जुलाई 2026 को पूरा होगा (शपथ 20 जुलाई 2021)।
प्रशासक संभालेंगे कमान-
चूंकि कार्यकाल के बीच में चुनाव नहीं कराए जा सकते, ऐसे में यह तय है कि जिन प्रतिनिधियों का कार्यकाल पहले पूरा हो जाएगा, वहां चुनाव होने तक प्रशासक (संबंधित अधिकारी) नियुक्त किए जाएंगे।
बरेली में 1,188 ग्राम पंचायतों में होंगे चुनाव-
बरेली जिले में पिछली बार 1,193 ग्राम पंचायतों में चुनाव हुए थे, लेकिन इस बार नगर निकायों में कुछ ग्राम पंचायतों के विलय के कारण 1,188 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे।










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