नई दिल्ली। उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) के पूर्व निदेशक जय अनमोल अंबानी के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ₹228 करोड़ के फ्रॉड से जुड़े मामले में केस दर्ज किया है। यह मामला रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) से जुड़ा है।
यूनियन बैंक की शिकायत पर कार्रवाई-
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी जनरल मैनेजर अनूप विनायक तराले की शिकायत के अनुसार, RHFL ने वर्ष 2015 और 2019 के बीच बैंक से टर्म लोन और प्राइवेट नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर के रूप में वित्तीय मदद ली थी। बैंक को कंपनी की तरफ़ से मज़बूत वित्तीय स्थिति की जानकारी दी गई थी। शिकायत में कहा गया है कि लोन देने और चुकाने में गड़बड़ियों के कारण बैंक को वित्तीय नुकसान हुआ। इसी आधार पर CBI ने धोखाधड़ी और पद के दुरुपयोग के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है।
ED ने भी अटैच की ₹10,000 करोड़ से अधिक की संपत्ति-
इस मामले में इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कार्रवाई कर चुका है। ED ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप की संपत्तियों को अटैच किया था। ED ने 1,120 करोड़ रुपये से अधिक की 18 से ज़्यादा संपत्तियां, फिक्स्ड डिपॉज़िट, बैंक बैलेंस और निवेश अटैच किए, जिनमें रिलायंस सेंटर (मुंबई), अंधेरी चकाला MIDC की कमर्शियल बिल्डिंग, सांताक्रूज़ की रिहायशी प्रॉपर्टी और चेन्नई व पनवेल के प्लॉट शामिल हैं।
इन नए अटैचमेंट के साथ अब जांच के दायरे में आने वाली रिलायंस ग्रुप से जुड़ी संपत्तियों का कुल मूल्य बढ़कर ₹10,117 करोड़ हो गया है। मामले की जांच जारी है और एजेंसियां धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।











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