मुजफ्फरनगर। शहर में एयर पॉल्यूशन और खराब हो गया है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 372 तक पहुंच गया है, जो सेहत और पर्यावरण दोनों के लिए चिंता की बात है। एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि सर्दियों में हालात और खराब हो सकते हैं।
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के डेटा के मुताबिक, PM2.5 और PM10 पॉल्यूटेंट खतरनाक लेवल पर हैं। PM2.5 का लेवल 200 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से ज़्यादा है, जिससे फेफड़ों और दिल को गंभीर नुकसान हो सकता है।
स्थानीय लोग सुबह और शाम धुंध की चादर से घिरे होने की शिकायत कर रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि AQI 300 से ऊपर होने पर अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और हृदय रोगियों को घर के बाहर न निकलें। बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि शहर की पेपर मिल और अन्य उद्योगों में वेस्ट प्लास्टिक व पन्नी जलाने से प्रदूषण बढ़ रहा है। पड़ोसी राज्यों हरियाणा और पंजाब से लाए गए वेस्ट का इस्तेमाल ईंधन के तौर पर किया जा रहा है, जिससे वायु प्रदूषण का संकट और गंभीर हो गया है।











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