मुजफ्फरनगर। थाना छपार क्षेत्र के गांव रई निवासी महिला अधिवक्ता आंचल त्यागी ने अपने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन पर जानलेवा हमला किया गया और एक करोड़ रुपये की दहेज की मांग की गई। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस मामले में गंभीर धाराओं को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी 28 नवंबर 2024 को मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव पूरा निवासी अश्वनी त्यागी, जो एक आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, से हुई थी। शादी के बाद से ही दहेज को लेकर उसका उत्पीड़न शुरू हो गया।
महिला अधिवक्ता आंचल ने बताया कि 15 मई को अपने ससुर की पुण्यतिथि पर जब वह ससुराल गईं, तो वहां उसके गले में दुपट्टा डालकर गला दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें सास, ससुर और पति की बुआ शामिल थीं। पीड़िता ने घटना की शिकायत महिला थाने में दर्ज कराई है।
आंचल त्यागी ने कहा कि पुलिस ने शुरुआत में धारा 307 (हत्या का प्रयास) में मामला दर्ज किया, लेकिन अब जांच अधिकारी धारा हटाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने महिला थाना प्रभारी संगीता चौधरी और IO प्रदीप कुमार पर ससुराल वालों से मिलीभगत का आरोप लगाया है।
“दहेज में एक करोड़ दो, वरना…”, कहा गया – “तुम्हारे कारण पापा की मौत हुई”
पीड़िता के मुताबिक ससुराल वाले एक करोड़ रुपये दहेज में मांगते हैं और ताने मारते हैं कि, “हमें तो एयरफोर्स वाली बहू चाहिए थी, तुमसे शादी करके नुकसान हो गया।”
यहां तक कहा गया कि “अगर तुम्हारे मायके से दहेज मिल जाता तो तुम्हारे पिता को टेंशन नहीं होती और उनकी मौत न होती।”
पीड़िता ने SSP कार्यालय और मेरठ ADG कार्यालय तक कई बार शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि जांच अधिकारी को बदला जाए, धारा 307 को न हटाया जाए और आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।











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