नोएडा। दिल्ली-NCR में एयर पॉल्यूशन एक बार फिर गंभीर लेवल पर पहुंच गया है। खासकर गाजियाबाद के लोनी इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) करीब 500 के खतरनाक लेवल पर पहुंच गया है, जिससे पूरे इलाके में हेल्थ इमरजेंसी जैसे हालात बन गए हैं।
ज़हरीली हवा की वजह से अस्पतालों में सांस की बीमारियों वाले मरीज़ों की संख्या अचानक बढ़ रही है, जिसमें सबसे ज़्यादा असर बुज़ुर्गों और बच्चों पर पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में एयर क्वालिटी भी बहुत खराब है। पूसा में AQI 341, आरके पुरम में 401, रोहिणी में 424, सोनिया विहार में 396 और वज़ीरपुर में 442 रिकॉर्ड किया गया। ये सभी लेवल “बहुत खराब” से “गंभीर” कैटेगरी में आते हैं, जो न सिर्फ़ सेहतमंद लोगों के लिए नुकसानदायक है, बल्कि पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों की हालत भी खराब करता है।
एनसीआर के अन्य शहरों में भी हालात कुछ बेहतर नहीं हैं। नोएडा के सेक्टर-125 में एक्यूआई 438, सेक्टर-116 में 428, और सेक्टर-1 में 399 दर्ज किया गया है। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 में एक्यूआई 431 तक पहुंच गया है। गाजियाबाद के इंदिरापुरम, लोनी, संजय नगर और वसुंधरा जैसे इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, वायु प्रदूषण में पीएम2.5 और पीएम10 के उच्च स्तर मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं, जो सीधे तौर पर फेफड़ों और दिल की बीमारियों को बढ़ावा देते हैं।
नवंबर महीने के एयर क्वालिटी कैलेंडर के आंकड़े बताते हैं कि 16 नवंबर को एक्यूआई 419, 18 नवंबर को 434 और 20 नवंबर को 430 तक पहुंच गया था, जो लगातार खराब होती स्थिति की ओर इशारा करता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 21 से 26 नवंबर के बीच मौसम में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। कोहरा और हवा की धीमी गति के कारण प्रदूषक तत्व हवा में जमे रहेंगे, जिससे स्थिति में जल्द सुधार की संभावना नहीं है। डॉक्टरों ने लोगों को घर के अंदर रहने, मास्क पहनने और बाहरी गतिविधियों को सीमित करने की सलाह दी है, खासकर उन लोगों को जो पहले से ही सांस या दिल की बीमारियों से पीड़ित हैं।











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