नोएडा | साइबर अपराधियों ने अब लोगों को ठगने का एक ऐसा शातिर तरीका अपनाया है, जिसे जानकर आप दंग रह जाएंगे। नोएडा में एक व्यक्ति को ‘वाहन चालान’ का फर्जी लिंक भेजकर न केवल उनका फोन हैक किया गया, बल्कि उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बैंक से लाखों का लोन भी ले लिया गया।
कैसे हुई यह ‘डिजिटल डकैती’?
एक क्लिक और फोन हैक: नोएडा सेक्टर-123 के निवासी ब्रह्म दत्त पाल के पास मोबाइल पर एक मैसेज आया, जिसमें उनके वाहन का चालान कटने की सूचना और एक लिंक दिया गया था। जैसे ही उन्होंने उस लिंक पर क्लिक किया, उनका पूरा मोबाइल फोन हैकर्स के नियंत्रण में आ गया।
नाम पर लिया लाखों का कर्ज: हैकर्स ने पीड़ित के फोन में मौजूद निजी दस्तावेजों और बैंक विवरणों तक पहुंच बना ली। इसके बाद आरोपियों ने चालाकी से उनके नाम पर बैंक से ₹4,18,000 का लोन मंजूर करवा लिया।
खाली खाता, फिर भी लूट: पीड़ित के खाते में पहले से केवल ₹1200 थे। ठगों ने पहले लोन की राशि उनके खाते में मंगवाई और फिर उसे 10 किस्तों में निकाल लिया। इसमें ₹1 लाख नकद निकासी और ₹3 लाख का IMPS ट्रांजैक्शन शामिल है।
पुलिस की कार्रवाई:
थाना सेक्टर-113 के प्रभारी निरीक्षक कृष्ण गोपाल शर्मा ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस की साइबर टीम ट्रांजैक्शन और लिंक के सोर्स की जांच कर रही है ताकि आरोपियों तक पहुँचा जा सके।
बचाव के लिए जरूरी सलाह:
असली बनाम नकली लिंक: सरकारी चालान के मैसेज हमेशा आधिकारिक नंबरों से आते हैं। किसी भी रैंडम लिंक पर क्लिक करने के बजाय सीधे Parivahan की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ही चालान चेक करें।
शॉर्ट लिंक्स (bit.ly/tinyurl) से बचें: अगर मैसेज में छोटे या अजीब दिखने वाले लिंक हों, तो उन पर कभी क्लिक न करें।
साइबर हेल्प: यदि आप भी ऐसी किसी ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत National Cyber Crime Reporting Portal या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
यह घटना उन सभी के लिए एक सबक है जो बिना सोचे-समझे मोबाइल पर आए अनजान संदेशों पर भरोसा कर लेते हैं।











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