लखनऊ। वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR), जो उत्तर प्रदेश में 4 नवंबर से चल रहा है, अब अपने आखिरी स्टेज में है। आज, 26 दिसंबर, SIR के तहत वोटर वेरिफिकेशन प्रोसेस के हिस्से के रूप में बांटे और जमा किए गए एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख है। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 31 दिसंबर को पब्लिश की जाएगी, और 30 जनवरी, 2026 तक आपत्तियां दर्ज की जा सकती हैं। फाइनल वोटर लिस्ट फरवरी में जारी की जाएगी।
इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया द्वारा किए जा रहे वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का मकसद उत्तर प्रदेश की वोटर लिस्ट को ज़्यादा सही और अप-टू-डेट बनाना है। इसमें लिस्ट से अयोग्य वोटरों के नाम हटाना और सभी वोटरों का वेरिफिकेशन करना शामिल है ताकि यह पक्का हो सके कि लिस्ट में सिर्फ़ असली नाम ही शामिल हों। यह कैंपेन, जो उत्तर प्रदेश में 4 नवंबर, 2025 को शुरू हुआ था, शुरू में इसे पूरा करने के लिए एक महीने का समय दिया गया था। जब तय समय में काम पूरा नहीं हुआ, तो डेडलाइन पहले एक हफ़्ते और फिर 26 दिसंबर तक बढ़ा दी गई। यह बढ़ी हुई डेडलाइन भी आज, 26 दिसंबर को खत्म हो रही है।
आज बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के लिए एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने का आखिरी दिन है।
राज्य में वोटर लिस्ट के इस स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन कैंपेन में, वोटरों का वेरिफिकेशन बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) द्वारा किया जा रहा है। BLOs शहरों और गांवों में वोटरों के घरों में जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म बांट रहे हैं और जमा कर रहे हैं। बड़ी संख्या में वोटरों ने अभी भी अपने फॉर्म भरकर BLOs को जमा नहीं किए हैं। इसलिए, इन वोटरों को आज ही अपने फॉर्म जमा करने होंगे, क्योंकि यह आखिरी तारीख है। नहीं तो, उनके नाम समय पर वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाएंगे, और बाद में उन्हें एक लंबी प्रक्रिया से गुज़रना पड़ेगा।
उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में अक्टूबर 2025 तक लगभग 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 92 मतदाता दर्ज थे। हालांकि इसी माह 31 दिसंबर को जारी होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में इस संख्या में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इसका बड़ा कारण यह है कि मतदाता सूची के एसआईआर के माध्यम से चल रहे सत्यापन में लाखों लोग अलग-अलग कारणों से मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाएंगे। इसलिए मतदाता सूची में लाखाें नाम कटना तय माना जा रहा है।











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