मेरठ। शिव भक्ति और देशभक्ति के अनूठे संगम के साथ हरिद्वार से दिल्ली के शाहदरा तक पैदल कावड़ यात्रा करने वाला एक दिव्यांग शिव भक्त चर्चा का विषय बन गया है। मेरठ से गुजर रहे इस कावड़िए का नाम मुकेश ठाकुर है, जो एक पैर से दिव्यांग होने के बावजूद अपनी कावड़ यात्रा के जरिए समाज को प्रेरणा दे रहा है। मुकेश ठाकुर यह यात्रा 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए 26 लोगों और देश की सीमाओं पर तैनात जवानों को समर्पित कर रहे हैं।
मुकेश ठाकुर, जो दिल्ली के शाहदरा की छज्जुपुर कॉलोनी में रहते हैं, ने बताया कि उनकी यह कावड़ यात्रा वैष्णो देवी की तीर्थयात्रा से प्रेरित है। उन्होंने कहा, “मैंने वैष्णो देवी की चढ़ाई पैदल पूरी की थी, तो सोचा कि कावड़ यात्रा भी कर सकता हूं। यह यात्रा मैं पहलगाम के शहीदों और देश के जवानों के लिए कर रहा हूं, जो दिन-रात बिना धूप-छांव देखे हमारी रक्षा करते हैं।” मुकेश ने बताया कि वह हरिद्वार से गंगाजल लेकर शाहदरा के शिव मंदिर में जल चढ़ाएंगे।
मुकेश ठाकुर ने अपनी जिंदगी की एक दर्दनाक घटना साझा करते हुए बताया कि कुछ साल पहले एक ऑटो रिक्शा में सफर के दौरान उनका पैर बाहर निकला हुआ था। तभी एक अन्य ऑटो ने टक्कर मार दी, जिसके चलते उन्हें अपना एक पैर गंवाना पड़ा। इसके बावजूद, मुकेश ने हिम्मत नहीं हारी। वह ई-रिक्शा चलाते हैं और बाइक भी चला लेते हैं। वह कहते हैं, “मैं अपने जैसे अन्य दिव्यांग भाइयों को भी प्रेरित करता हूं कि हिम्मत न हारें, कोशिश करें, भोले बाबा सबका बेड़ा पार लगाते हैं।”
मुकेश ठाकुर ने बताया कि उनकी यह कावड़ यात्रा विशेष रूप से पहलगाम में हुए आतंकी हमले के शहीदों को समर्पित है, जहां आतंकियों ने लोगों का नाम और धर्म पूछकर 26 बेगुनाहों की हत्या की थी। वह कहते हैं, “यह जल उन शहीदों और हमारे देश के वीर जवानों के लिए चढ़ेगा, जो सीमाओं पर हमारी रक्षा करते हैं। मैं सभी वीरों को नमन करता हूं। जय हिंद!”
मुकेश की यह यात्रा मेरठ होते हुए शाहदरा तक जाएगी, जहां वह छज्जुपुर कॉलोनी के शिव मंदिर में गंगाजल अर्पित करेंगे। उनकी इस हिम्मत और देशभक्ति को देखकर हर कोई उन्हें सलाम कर रहा है।











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